रोग व लक्षण अनुसार घरेलू उपचार
10 शारीरिक संस्थानों के 156 रोगों के लिए 2,544 शास्त्रीय व प्रामाणिक घरेलू उपचार। दादी माँ के नुस्खे, काढ़ा, चूर्ण, लेप व क्षीरपाक।
12 नुस्खा टूल्स देखेंरोगानुसार नुस्खे
सभी रोग व स्थितियां (8)
चेहरे की झाइयां, काले धब्बे व मेलास्मा
भ्राजक पित्त के कुपित होने से त्वचा पर मेलेनिन का अधिक संचय व झाइयां बनना।
चेहरे की झुर्रियां, महीन रेखाएं व ढीली त्वचा
रस व मांस धातु के क्षीण होने से त्वचा का लचीलापन घटना व झुर्रियां पड़ना।
फैटी लिवर व यकृत की सूजन
लिवर कोशिकाओं में चर्बी जमने से यकृत का कार्य मंद पड़ना।
विषाक्त भोजन व आमविष
दूषित या विरुद्ध भोजन के सेवन से उत्पन्न तीव्र विषाक्तता व उल्टी-दस्त।
बार-बार पेशाब आना, बहुमूत्रता व रात में पेशाब
कफ व वात की शिथिलता से मूत्राशय की धारण शक्ति कमजोर होना व बार-बार पेशाब आना।
पेशाब में झाग आना व प्रोटीन निकलना
गुर्दे की छानने वाली जाली कमजोर होने से रक्त के पोषक प्रोटीन का पेशाब में बहना।
कंधे की जकड़न व जाम होना (अपबाहुक)
कंधे के जोड़ में वात द्वारा चिकनाई सूखने से हाथ की गति का रुक जाना।
दाद, खाज व कवक संक्रमण (दद्रु)
कफ व पित्त की विकृति से जांघों या त्वचा पर गोल छल्लेदार दाद व असहनीय खुजली।
