✨ त्वचा, रंगत व केश संस्थान
त्वचा / रोम / केश (Twacha & Kesh)
⚡ दोष: भ्राजक पित्त व रक्त धातु
🌊 स्रोतस: स्वेदवह व रक्तवह स्रोतस
🩺 18 रोग
आयुर्वेदिक शरीर-क्रिया विज्ञान (Pathophysiology):
भ्राजक पित्त त्वचा की प्राकृतिक आभा और रंगत प्रदान करता है। रक्त और पित्त दूषित होने से मुंहासे, झाइयां, एक्जिमा, सोरायसिस, पित्ती, डैंड्रफ और बालों का असमय झड़ना शुरू होता है।
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लक्षण अथवा विशिष्ट रोग अनुसार नुस्खे चुनें:
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समस्त लक्षण (18)
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धूप से सांवलापन, टैनिंग व चेहरे का निस्तेज होना
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फोड़े-फुंसी, बालतोड़ व विद्रधि
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रूसी, डैंड्रफ व सिर की खुजली (दारुणक)
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कील-मुंहासे, युवानपिड़का व फुंसियां
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इंद्रलुप्त, उड़नछू गंजापन व बालों का उड़ना
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दाद, खाज व कवक संक्रमण (दद्रु)
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चेहरे की झुर्रियां, महीन रेखाएं व ढीली त्वचा
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अत्यधिक पसीना व पसीने की दुर्गंध
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बालों का असमय सफेद होना (पालित्य)
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एक्जिमा, छाजन व विचर्चिका
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चेहरे की झाइयां, काले धब्बे व मेलास्मा
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बालों का झड़ना (खालित्य) व बालों का पतलापन
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फटी एड़ियां, बिवाई व तलवों की दरारें
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घाव के पुराने निशान, दाग व स्कार्स
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शीतपित्त, पित्ती उछलना व एलर्जी चकत्ते
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घमौरियां व गर्मियों की चुभने वाली फुंसियां
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सोरायसिस, किटीभ कुष्ठ व चांदी जैसी पपड़ी
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स्ट्रेच मार्क्स, किक्किस व खिंचाव के निशान
