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आयुर्वेद व घरेलू नुस्खे · शरीर रचना व लक्षण अन्वेषक

शरीर रचना व लक्षण अन्वेषक

मानव शरीर के किसी भी अंग पर क्लिक करें और जानें उसके अधिष्ठाता दोष, स्रोतस वाहिकाएं एवं कष्ट निवारक प्रामाणिक आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खे।

🌿 प्रजनन स्वास्थ्य, शुक्र व स्त्री रोग

शुक्र / आर्तव / योनि (Shukra & Artava)
⚡ दोष: अपान वात व शुक्रधात्वाग्नि 🌊 स्रोतस: शुक्रवह व आर्तववह स्रोतस 🩺 18 रोग
आयुर्वेदिक शरीर-क्रिया विज्ञान (Pathophysiology):

प्रजनन स्वास्थ्य, शुक्र धातु की गुणवत्ता और हार्मोनल संतुलन का नियमन। अपान वात के अवरोध से कष्टार्तव (मासिक धर्म दर्द), पीसीओएस, अनियमित चक्र, श्वेतप्रदर व दुर्बलता आती है।

🔍 लक्षण अथवा विशिष्ट रोग अनुसार नुस्खे चुनें:
🌐 समस्त लक्षण (18) • स्वप्नदोष, धातु गिरना व अनैच्छिक वीर्यपात • मासिक धर्म में तेज दर्द, कष्टार्तव व पेट की ऐंठन • पुरुष दुर्बलता, पौरुष शक्ति की कमी व शीघ्रपतन • स्तनपान में दूध की कमी (स्तन्य क्षय) • श्वेतप्रदर, सफेद पानी जाना व कमर का कटना • रक्तप्रदर, अत्यधिक मासिक स्राव व कमजोरी • प्रसवोपरांत देखभाल, सूतिका परिचर्या व शरीर की मजबूती • पीसीओडी (PCOS), ओवरी में गांठें व हार्मोनल असंतुलन • बच्चों का सूखा रोग, दुर्बलता व देर से चलना (फक्क रोग) • बच्चों के दांत निकलते समय कष्ट, दस्त व लार टपकना • छोटे बच्चों का बिस्तर गीला करना (बाल शय्यामूत्र) • डायपर रैश, शिशु की त्वचा छिलना व लाली • शिशुओं के पेट में गैस, मरोड़ व रोना (शिशु उदरशूल) • अनियमित मासिक, माहवारी का रुकना या देरी से आना • शुक्राणु की कमी, वीर्य का पतलापन व वीर्य दोष ✓ रजोनिवृत्ति, अचानक गर्मी लगना (हॉट फ्लैशेज) व चिड़चिड़ापन • बच्चों की सर्दी-खांसी, जुकाम व सीने की घरघराहट • बच्चों के पेट में कीड़े व सोते में दांत पीसना

पारंपरिक शास्त्रीय योग व घरेलू नुस्खे

कुल 2 नुस्खे उपलब्ध (पेज पर 6 प्रदर्शित)
🌱
शतावरी (Asparagus racemosus) रसोई मसाला
वीर्य (प्रभाव): Sheeta (Cooling) · विपाक: Madhura (Sweet) · दोष प्रभाव: वात व पित्त शामक

बनाने की विधि व प्रयोग निर्देश:

1
शास्त्रीय विधि अनुसार औषधियां तैयार करें।
2
संहिता निर्देशानुसार उचित मात्रा में सेवन अथवा लेप करें।
3
पथ्य आहार का पालन करें व अपथ्य से बचें।
आयु अनुसार मानक शास्त्रीय मात्रा
Warm water or Cow Milk
Morning or Bedtime
21 to 30 days
⚠️
सावधानी व वर्जनाएं: उचित खानपान के बिना अत्यधिक प्रयोग से बचें।
पूरा नुस्खा, विधि और सावधानियां देखें
🌱
धनिया (बीज व पत्ती) (Coriandrum sativum) रसोई मसाला
वीर्य (प्रभाव): Sheeta (Cooling) · विपाक: Madhura (Sweet) · दोष प्रभाव: पित्त शामक व त्रिदोष संतुलन

बनाने की विधि व प्रयोग निर्देश:

1
शुद्ध आयुर्वेदिक मिश्रण तैयार करें।
2
निर्देशित अनुपान के साथ नियमित सेवन करें।
3
साफ कांच के बर्तन में सुरक्षित रखें।
आयु अनुसार मानक शास्त्रीय मात्रा
Warm water or Honey
Morning or Evening
30 days
⚠️
सावधानी व वर्जनाएं: लक्षण बने रहने पर आयुर्वेदिक वैद्य से परामर्श लें।
पूरा नुस्खा, विधि और सावधानियां देखें
Kriyasya
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