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आयुर्वेद व घरेलू नुस्खे · शरीर रचना व लक्षण अन्वेषक

शरीर रचना व लक्षण अन्वेषक

मानव शरीर के किसी भी अंग पर क्लिक करें और जानें उसके अधिष्ठाता दोष, स्रोतस वाहिकाएं एवं कष्ट निवारक प्रामाणिक आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खे।

👄 मुख, दंत, मसूड़े व कंठ

मुख / दन्त / कण्ठ (Mukha & Kantha)
⚡ दोष: बोधक कफ व उदान वात 🌊 स्रोतस: रसवाह व प्राणवह स्रोतस 🩺 18 रोग
आयुर्वेदिक शरीर-क्रिया विज्ञान (Pathophysiology):

बोधक कफ (स्वाद व लार स्राव) और उदान वात (वाणी) का स्थान। पित्त की अधिकता से मुख पाक व छालें, तथा कफ-वात विकार से दांत दर्द, पायरिया, मसूड़ों की सूजन व टॉन्सिलाइटिस होते हैं।

🔍 लक्षण अथवा विशिष्ट रोग अनुसार नुस्खे चुनें:
🌐 समस्त लक्षण (18) • मुंह के छाले, जीभ कटना व मुखपाक • पायरिया, मसूढ़ों से मवाद व दांतों का हिलना • नाक से खून बहना, नकसीर फूटना (ऊर्ध्वग रक्तपित्त) • मुंह की दुर्गंध, सांसों की बदबू (मुख दुर्गंध) • कान का दर्द, टीस मारना व कर्णशूल • दांत में तेज दर्द, कीड़ा लगना व दंतशूल • गले की खराश, दर्द व छिला हुआ गला • कान बहना, कान से पीब व मवाद (कर्णस्राव) • टॉन्सिल्स की सूजन व दर्द (गलगंडिका) • मसूढ़ों से खून आना, सूजन व शीताद रोग • नाक बंद होना, नासा अवरोध व मांस बढ़ना • मुंह सूखना, लार की कमी व मुखशोष • स्वाद न आना, जीभ का स्वादहीन होना (अरसज्ञता) • कान में सांय-सांय, सीटी की आवाज (कर्णनाद) • दांतों में झनझनाहट, ठंडा-गरम लगना (दंतहर्ष) • दांतों का पीलापन, मैल व तंबाकू-गुटखा के दाग • गला बैठना, स्वरभेद व आवाज का रुकना ✓ फटे होंठ, पपड़ी जमना व होंठों से खून आना

पारंपरिक शास्त्रीय योग व घरेलू नुस्खे

कुल 2 नुस्खे उपलब्ध (पेज पर 6 प्रदर्शित)
🌱
देसी गाय का घी (Clarified Cow Butter) रसोई मसाला
वीर्य (प्रभाव): Sheeta (Cooling) · विपाक: Madhura (Sweet) · दोष प्रभाव: पित्त व वात का परम शामक

बनाने की विधि व प्रयोग निर्देश:

1
शास्त्रीय विधि अनुसार औषधियां तैयार करें।
2
संहिता निर्देशानुसार उचित मात्रा में सेवन अथवा लेप करें।
3
पथ्य आहार का पालन करें व अपथ्य से बचें।
आयु अनुसार मानक शास्त्रीय मात्रा
Warm water or Cow Milk
Morning or Bedtime
21 to 30 days
⚠️
सावधानी व वर्जनाएं: उचित खानपान के बिना अत्यधिक प्रयोग से बचें।
पूरा नुस्खा, विधि और सावधानियां देखें

बनाने की विधि व प्रयोग निर्देश:

1
शुद्ध आयुर्वेदिक मिश्रण तैयार करें।
2
निर्देशित अनुपान के साथ नियमित सेवन करें।
3
साफ कांच के बर्तन में सुरक्षित रखें।
आयु अनुसार मानक शास्त्रीय मात्रा
Warm water or Honey
Morning or Evening
30 days
⚠️
सावधानी व वर्जनाएं: लक्षण बने रहने पर आयुर्वेदिक वैद्य से परामर्श लें।
पूरा नुस्खा, विधि और सावधानियां देखें
Kriyasya
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