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आयुर्वेद व घरेलू नुस्खे · शरीर रचना व लक्षण अन्वेषक

शरीर रचना व लक्षण अन्वेषक

मानव शरीर के किसी भी अंग पर क्लिक करें और जानें उसके अधिष्ठाता दोष, स्रोतस वाहिकाएं एवं कष्ट निवारक प्रामाणिक आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खे।

💧 वृक्क (गुर्दे) व मूत्र प्रणाली

वृक्क / बस्ति (Vrikka & Basti)
⚡ दोष: अपान वात व क्लेदक कफ 🌊 स्रोतस: मूत्रवह स्रोतस 🩺 12 रोग
आयुर्वेदिक शरीर-क्रिया विज्ञान (Pathophysiology):

मूत्रवह स्रोतस शरीर के द्रवों को छानकर अवांछित तत्वों को बाहर निकालता है। पित्त व कफ के प्रकुपित होने से गुर्दे की पथरी, पेशाब में जलन, यूटीआई संक्रमण व पौरुष ग्रंथि वृद्धि होती है।

🔍 लक्षण अथवा विशिष्ट रोग अनुसार नुस्खे चुनें:

पारंपरिक शास्त्रीय योग व घरेलू नुस्खे

कुल 2 नुस्खे उपलब्ध (पेज पर 6 प्रदर्शित)
🌱
पुनर्नवा (Boerhavia diffusa) रसोई मसाला
वीर्य (प्रभाव): Ushna (Heating) · विपाक: Madhura (Sweet) · दोष प्रभाव: कफ व वात नाशक

बनाने की विधि व प्रयोग निर्देश:

1
शास्त्रीय विधि अनुसार औषधियां तैयार करें।
2
संहिता निर्देशानुसार उचित मात्रा में सेवन अथवा लेप करें।
3
पथ्य आहार का पालन करें व अपथ्य से बचें।
आयु अनुसार मानक शास्त्रीय मात्रा
Warm water or Cow Milk
Morning or Bedtime
21 to 30 days
⚠️
सावधानी व वर्जनाएं: उचित खानपान के बिना अत्यधिक प्रयोग से बचें।
पूरा नुस्खा, विधि और सावधानियां देखें
🌱
धनिया (बीज व पत्ती) (Coriandrum sativum) रसोई मसाला
वीर्य (प्रभाव): Sheeta (Cooling) · विपाक: Madhura (Sweet) · दोष प्रभाव: पित्त शामक व त्रिदोष संतुलन

बनाने की विधि व प्रयोग निर्देश:

1
शुद्ध आयुर्वेदिक मिश्रण तैयार करें।
2
निर्देशित अनुपान के साथ नियमित सेवन करें।
3
साफ कांच के बर्तन में सुरक्षित रखें।
आयु अनुसार मानक शास्त्रीय मात्रा
Warm water or Honey
Morning or Evening
30 days
⚠️
सावधानी व वर्जनाएं: लक्षण बने रहने पर आयुर्वेदिक वैद्य से परामर्श लें।
पूरा नुस्खा, विधि और सावधानियां देखें
Kriyasya
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