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आयुर्वेद व घरेलू नुस्खे · शरीर रचना व लक्षण अन्वेषक

शरीर रचना व लक्षण अन्वेषक

मानव शरीर के किसी भी अंग पर क्लिक करें और जानें उसके अधिष्ठाता दोष, स्रोतस वाहिकाएं एवं कष्ट निवारक प्रामाणिक आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खे।

💧 वृक्क (गुर्दे) व मूत्र प्रणाली

वृक्क / बस्ति (Vrikka & Basti)
⚡ दोष: अपान वात व क्लेदक कफ 🌊 स्रोतस: मूत्रवह स्रोतस 🩺 12 रोग
आयुर्वेदिक शरीर-क्रिया विज्ञान (Pathophysiology):

मूत्रवह स्रोतस शरीर के द्रवों को छानकर अवांछित तत्वों को बाहर निकालता है। पित्त व कफ के प्रकुपित होने से गुर्दे की पथरी, पेशाब में जलन, यूटीआई संक्रमण व पौरुष ग्रंथि वृद्धि होती है।

🔍 लक्षण अथवा विशिष्ट रोग अनुसार नुस्खे चुनें:

पारंपरिक शास्त्रीय योग व घरेलू नुस्खे

कुल 2 नुस्खे उपलब्ध (पेज पर 6 प्रदर्शित)
🥣 आहार नुस्खा

बनाने की विधि व प्रयोग निर्देश:

1
50 ग्राम काले तिल को धीमी आंच पर तवे पर भूनें।
2
तिल को दरदरा कूटकर 50 ग्राम पुराने गुड़ में अच्छी तरह मिलाएं।
3
5-5 ग्राम की गोलियां बना लें।
4
रात को सोते समय 1 गोली गुनगुने पानी के साथ लें।
1 गोली (5 ग्राम) रात को सोते समय
Lukewarm water
Bedtime
30 to 45 days
⚠️
सावधानी व वर्जनाएं: तेज बुखार या पेशाब में जलन होने पर न लें।
पूरा नुस्खा, विधि और सावधानियां देखें
🌱
चंद्रप्रभा वटी (Classical 37 herb-mineral formulation with Shilajit & Guggulu)
वीर्य (प्रभाव): Sheeta (Cooling / Balanced) · विपाक: Madhura · दोष प्रभाव: त्रिदोष शामक

बनाने की विधि व प्रयोग निर्देश:

1
1 गोली चन्द्रप्रभा वटी लें।
2
आधा चम्मच शुद्ध आंवला चूर्ण में मिलाएं।
3
शाम के भोजन से पूर्व आधा चम्मच शुद्ध शहद के साथ लें।
4
रात को सोने से पहले पेशाब अवश्य कराएं।
1 वटी व 2 ग्राम आंवला चूर्ण
Raw Honey or Warm Water
Evening before meals
40 days
⚠️
सावधानी व वर्जनाएं: 7 वर्ष से छोटे बच्चों को बिना परामर्श न दें।
पूरा नुस्खा, विधि और सावधानियां देखें
Kriyasya
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