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आयुर्वेद व घरेलू नुस्खे · शरीर रचना व लक्षण अन्वेषक

शरीर रचना व लक्षण अन्वेषक

मानव शरीर के किसी भी अंग पर क्लिक करें और जानें उसके अधिष्ठाता दोष, स्रोतस वाहिकाएं एवं कष्ट निवारक प्रामाणिक आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खे।

🦴 जोड़, रीढ़, घुटने व अस्थि संस्थान

अस्थि / संधि / मज्जा (Asthi & Sandhi)
⚡ दोष: व्यान वात व श्लेषक कफ 🌊 स्रोतस: अस्थिवह व मज्जावह स्रोतस 🩺 16 रोग
आयुर्वेदिक शरीर-क्रिया विज्ञान (Pathophysiology):

श्लेषक कफ (जोड़ों का चिकनाई द्रव) और वात द्वारा संचालित। चिकनाई कम होने और वात बढ़ने से जोड़ों में कट-कट, गठिया (संधिवात), साइटिका, सर्वाइकल, यूरिक एसिड व कमर दर्द होता है।

🔍 लक्षण अथवा विशिष्ट रोग अनुसार नुस्खे चुनें:
🌐 समस्त लक्षण (16) • घुटनों का दर्द, संधिवात व जोड़ों में घिसाव • आमवात (गठिया बाई) व जोड़ों की सूजन • साइटिका, गृध्रसी व रंगा का दर्द • कमर दर्द, कटिशूल व पीठ में जकड़न • गर्दन का दर्द, सर्वाइकल व ग्रीवास्तम्भ • कंधे की जकड़न व जाम होना (अपबाहुक) • वात-रक्त, यूरिक एसिड व पैर के अंगूठे का दर्द • मांसपेशियों में खिंचाव, मोच व पिंडलियों की ऐंठन • एड़ी का दर्द, वातकंटक व एड़ी की हड्डी बढ़ना • हड्डियों की कमजोरी, ऑस्टियोपोरोसिस व कैल्शियम की कमी ✓ भीतरी चोट, गुम चोट व रक्त का जमना • रीढ़ की हड्डी की अकड़न व बांस जैसा सीधापन • जोड़ों की ग्रीस सूखना व हड्डियों की रगड़ • कंडरा शोथ, टेनिस एल्बो व कलाई का दर्द • पिंडलियों में मीठा दर्द व पैरों की बेचैनी • सुबह शरीर में टूटन, भारीपन व जकड़न

पारंपरिक शास्त्रीय योग व घरेलू नुस्खे

कुल 2 नुस्खे उपलब्ध (पेज पर 6 प्रदर्शित)
🌿 लेप / उबटन
🌱
हल्दी (Curcuma longa) रसोई मसाला
वीर्य (प्रभाव): Ushna (Heating) · विपाक: Katu (Pungent) · दोष प्रभाव: कफ व वात शामक; अधिक मात्रा में पित्त वर्धक

बनाने की विधि व प्रयोग निर्देश:

1
2 चम्मच शुद्ध हल्दी में 1/4 चम्मच खाने वाला चूना मिलाएं।
2
1 चम्मच सरसों का तेल और थोड़ा पानी मिलाकर गाढ़ा लेप बनाएं।
3
तवे पर हल्का गुनगुना करें (जलने लायक गर्म न हो)।
4
चोट पर मोटा लेप लगाकर कपड़े या पान के पत्ते से बांधें।
बाहरी लेप दिन में 1 बार रात में
External application
Bedtime (leave overnight)
3 to 5 days
⚠️
सावधानी व वर्जनाएं: कटे हुए या खुले घाव पर कभी न लगाएं।
पूरा नुस्खा, विधि और सावधानियां देखें
🌱
प्याज (Allium cepa) रसोई मसाला
वीर्य (प्रभाव): Ushna (Heating / Anushna) · विपाक: Madhura (Sweet) · दोष प्रभाव: वात शामक; बलकारक

बनाने की विधि व प्रयोग निर्देश:

1
1 कच्चा प्याज कद्दूकस करें और 1 चम्मच सेंधा नमक मिलाएं।
2
1 चम्मच सरसों के तेल में हल्का गर्म करें।
3
साफ सूती कपड़े में पोटली बनाकर चोटिल स्थान पर 10 मिनट सिकाई करें।
4
यह अंदरूनी रक्त के थक्के को पिघलाकर दर्द मिटाता है।
गर्म सिकाई दिन में 2 बार
External compress
Morning and evening
3 days
⚠️
सावधानी व वर्जनाएं: आंखों के निकट प्रयोग करते समय सावधानी बरतें।
पूरा नुस्खा, विधि और सावधानियां देखें
Kriyasya
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