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आयुर्वेद व घरेलू नुस्खे · शरीर रचना व लक्षण अन्वेषक

शरीर रचना व लक्षण अन्वेषक

मानव शरीर के किसी भी अंग पर क्लिक करें और जानें उसके अधिष्ठाता दोष, स्रोतस वाहिकाएं एवं कष्ट निवारक प्रामाणिक आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खे।

❤️ हृदय व रक्त परिसंचरण

हृदय / रक्तवाहिनी (Hridaya & Raktavaha)
⚡ दोष: व्यान वात व साधक पित्त 🌊 स्रोतस: रक्तवह व रसवह स्रोतस 🩺 12 रोग
आयुर्वेदिक शरीर-क्रिया विज्ञान (Pathophysiology):

चेतना और ओज का मुख्य केंद्र। व्यान वात रक्त के निरंतर संचार को संचालित करता है और साधक पित्त मनोभावों को नियंत्रित करता है। धमनी रुकावट से उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल व धड़कन तेज होती है।

🔍 लक्षण अथवा विशिष्ट रोग अनुसार नुस्खे चुनें:

पारंपरिक शास्त्रीय योग व घरेलू नुस्खे

कुल 2 नुस्खे उपलब्ध (पेज पर 6 प्रदर्शित)
🥛 क्षीरपाक (दूध)
🌱
लहसुन (Allium sativum) रसोई मसाला
वीर्य (प्रभाव): Ushna (Heating) · विपाक: Katu (Pungent) · दोष प्रभाव: वात व कफ का परम शत्रु; पित्त वर्धक

बनाने की विधि व प्रयोग निर्देश:

1
2 कली लहसुन कुचलें और 3 ग्राम अर्जुन छाल चूर्ण लें।
2
100 मिली पानी और 100 मिली बिना मलाई का दूध मिलाएं।
3
धीमी आंच पर पानी जलने तक उबालें जब तक 100 मिली दूध शेष रहे।
4
छानकर प्रातः गुनगुना पिएं।
100 मिली दिन में एक बार
Medicated Milk itself
Morning on empty stomach
60 days
⚠️
सावधानी व वर्जनाएं: खून पतला करने वाली एलोपैथिक दवाइयों के साथ चिकित्सक परामर्श लें।
पूरा नुस्खा, विधि और सावधानियां देखें
❄️ हिम (शीतल फांट)
🌱
दालचीनी (Cinnamomum verum) रसोई मसाला
वीर्य (प्रभाव): Ushna (Heating) · विपाक: Madhura (Sweet) · दोष प्रभाव: वात व कफ शामक

बनाने की विधि व प्रयोग निर्देश:

1
200 मिली पानी में 1/2 चम्मच दालचीनी 3 मिनट धीमी आंच पर पकाएं।
2
गुनगुना होने दें (गर्म पानी में शहद कभी न मिलाएं)।
3
1 चम्मच नींबू का रस और 1 चम्मच शुद्ध शहद मिलाएं।
4
नाश्ते से 30 मिनट पूर्व घूंट-घूंट पिएं।
150 से 200 मिली प्रतिदिन एक बार
Honey-Lemon Water
Morning 30 mins before breakfast
90 days
⚠️
सावधानी व वर्जनाएं: रक्तस्राव विकारों में अत्यधिक दालचीनी से बचें।
पूरा नुस्खा, विधि और सावधानियां देखें
Kriyasya
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