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आयुर्वेद व घरेलू नुस्खे · शरीर रचना व लक्षण अन्वेषक

शरीर रचना व लक्षण अन्वेषक

मानव शरीर के किसी भी अंग पर क्लिक करें और जानें उसके अधिष्ठाता दोष, स्रोतस वाहिकाएं एवं कष्ट निवारक प्रामाणिक आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खे।

🧠 सिर, मस्तिष्क व तंत्रिका तंत्र

शिरः / मस्तिष्कम (Shiras & Majja)
⚡ दोष: प्राण वात व तर्पक कफ 🌊 स्रोतस: मज्जावह व मनोवह स्रोतस 🩺 14 रोग
आयुर्वेदिक शरीर-क्रिया विज्ञान (Pathophysiology):

प्राण वात (मानसिक चेतना व तंत्रिका संचरण) और तर्पक कफ (मस्तिष्क पोषण) द्वारा नियंत्रित। असंतुलन से सिरदर्द, माइग्रेन, अनिद्रा, तनाव, स्मृति क्षीणता व चक्कर आने की समस्या होती है।

🔍 लक्षण अथवा विशिष्ट रोग अनुसार नुस्खे चुनें:

पारंपरिक शास्त्रीय योग व घरेलू नुस्खे

कुल 2 नुस्खे उपलब्ध (पेज पर 6 प्रदर्शित)
🌱
जायफल (Myristica fragrans) रसोई मसाला
वीर्य (प्रभाव): Ushna (Heating) · विपाक: Katu (Pungent) · दोष प्रभाव: वात व कफ शामक

बनाने की विधि व प्रयोग निर्देश:

1
150 मिली गाय के दूध में चुटकी भर (लगभग 250 मिग्रा) जायफल घिसकर हल्का उबालें।
2
इसमें 1 चुटकी मुक्ता पिष्टी और आधा चम्मच धागे वाली मिश्री मिलाएं।
3
सोने से 30 मिनट पहले गुनगुना पिएं।
4
पैरों को ताजे पानी से धोकर सुखाएं।
150 मिली रात्रि में सोते समय
Cow Milk
Bedtime (Night)
21 days
⚠️
सावधानी व वर्जनाएं: जायफल की मात्रा 500 मिग्रा से अधिक न लें।
पूरा नुस्खा, विधि और सावधानियां देखें
🌱
ब्राह्मी (Bacopa monnieri) रसोई मसाला
वीर्य (प्रभाव): Sheeta (Cooling) · विपाक: Madhura (Sweet) · दोष प्रभाव: त्रिदोष शामक; विशेषतः पित्त शामक

बनाने की विधि व प्रयोग निर्देश:

1
1 चम्मच गुनगुना ब्राह्मी घृत लें।
2
दोनों पैरों के तलवों पर 5 मिनट हल्के हाथों से गोलाकार मालिश करें।
3
एक-एक बूंद कनपटी और सिर के तालू पर लगाएं।
4
शांत और हवादार कमरे में विश्राम करें।
बाहरी मालिश प्रतिदिन रात में
External use
15 minutes before sleep
Nightly ritual
⚠️
सावधानी व वर्जनाएं: केवल बाहरी प्रयोग हेतु। फर्श पर फिसलने से बचें।
पूरा नुस्खा, विधि और सावधानियां देखें
Kriyasya
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