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आयुर्वेद व घरेलू नुस्खे · शरीर रचना व लक्षण अन्वेषक

शरीर रचना व लक्षण अन्वेषक

मानव शरीर के किसी भी अंग पर क्लिक करें और जानें उसके अधिष्ठाता दोष, स्रोतस वाहिकाएं एवं कष्ट निवारक प्रामाणिक आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खे।

👁️ नेत्र व दृष्टि स्वास्थ्य

नेत्र / चक्षुरिन्द्रिय (Netra & Chakshu)
⚡ दोष: आलोचक पित्त व तर्पक कफ 🌊 स्रोतस: चक्षुर्वह स्रोतस 🩺 3 रोग
आयुर्वेदिक शरीर-क्रिया विज्ञान (Pathophysiology):

आलोचक पित्त द्वारा दृष्टि और प्रकाश का ग्रहण होता है। स्क्रीन का अधिक उपयोग, अनिद्रा व ऊष्मा से पित्त प्रकुपित होकर आंखों में जलन, लालिमा, सूखापन और काले घेरे उत्पन्न करता है।

पारंपरिक शास्त्रीय योग व घरेलू नुस्खे

कुल 2 नुस्खे उपलब्ध (पेज पर 6 प्रदर्शित)
🌱
खीरा / ककड़ी (Cucumis sativus) रसोई मसाला
वीर्य (प्रभाव): Sheeta (Cooling) · विपाक: Madhura (Sweet) · दोष प्रभाव: पित्त शामक व शीतल

बनाने की विधि व प्रयोग निर्देश:

1
**स्वस्थ आदतें:** सुबह तांबे के बर्तन में रखा जल पिएं, आंखों की थकान दूर करने के लिए उन पर खीरे के टुकड़े रखें और रात को 7-8 घंटे सुकून से सोएं।
प्रतिदिन 1 से 2 बार गुनगुने पानी अथवा दूध के साथ नियमानुसार सेवन करें।
Warm water / Cow Milk / Raw Honey
Morning after waking or before sleep
7 to 21 days
⚠️
सावधानी व वर्जनाएं: गर्भावस्था या गंभीर रोग की स्थिति में प्रयोग से पूर्व योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।
पूरा नुस्खा, विधि और सावधानियां देखें

Cataract Prophylaxis and Eye Strain के लिए Chebulic Myrobalan / Haritaki (*Terminalia chebula*) (राई / सरसों) का औषधीय प्रयोग

Chebulic Myrobalan / Haritaki (*Terminalia chebula*): Mustard Seeds (Rai) Protocol for Cataract Prophylaxis and Eye Strain
🍵 काढ़ा / क्वाथ
🌱
राई / सरसों (Brassica nigra) रसोई मसाला
वीर्य (प्रभाव): Ushna (Heating) · विपाक: Katu (Pungent) · दोष प्रभाव: कफ व वात नाशक; पित्त वर्धक

बनाने की विधि व प्रयोग निर्देश:

1
Chebulic Myrobalan / Haritaki (*Terminalia chebula*) (राई / सरसों) का उपयोग: Soak crushed fruit in boiled water overnight; strain through sterile muslin cloth and bathe the eyes. Grind the inner kernel into an ultra-fine powder and apply as medicinal eyeliner to protect against lens clouding.. इसे आवश्यकतानुसार काढ़ा, चूर्ण अथवा लेप के रूप में प्रयोग करें।
दिन में 1 से 2 बार भोजन के पूर्व अथवा मध्याह्न में सेवन करें।
Lukewarm water / Honey / Ghee
Twice daily before meals
14 to 30 days
⚠️
सावधानी व वर्जनाएं: निर्धारित मात्रा से अधिक सेवन न करें। पेट में जलन होने पर मात्रा घटाएं।
पूरा नुस्खा, विधि और सावधानियां देखें
Kriyasya
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