🌦️
षड् ऋतुचर्या · काल-प्रकृति सामंजस्य
आयुर्वेदिक ऋतुचर्या व मौसमी स्वास्थ्य व्यवस्था
ऋतु परिवर्तन के साथ शरीर के वात, पित्त और कफ स्वाभाविक रूप से संचित, प्रकुपित और शांत होते हैं। चरक संहिता के अनुसार 6 ऋतुओं के अनुकूल आहार, दिनचर्या और नुस्खों को अपनाकर वर्ष भर निरोगी रहें।
6
शास्त्रीय ऋतुएं (Shad Ritus)
2
काल (आदान व विसर्ग काल)
2,079
ऋतु-अनुकूल नुस्खे
100%
संहिता व आयुष संदर्भ
12 नुस्खा टूल्स देखेंऋतुचर्या
शास्त्रीय ऋतु चयन (Select Classical Ritu)
🌿 वर्तमान सक्रिय ऋतु: शरद ऋतु (आश्विन व कार्तिक)
🌾
हेमन्त ऋतु (मार्गशीर्ष व पौष)
📅 मध्य नवंबर से मध्य जनवरी (मार्गशीर्ष व पौष मास) · ☀️ विसर्ग काल (वर्ष का सर्वोच्च शारीरिक बल)
⚠️ Vata Accumulation (संचय)
🔥 जठराग्नि व शारीरिक बल की स्थिति (Digestive Fire & Stamina Status)
परम बलशाली जठराग्नि — पूरे वर्ष में पाचन शक्ति सबसे अधिक बलवान होती है
🥗
हितकर आहार (Favored Seasonal Foods)
भारी, पौष्टिक, स्निग्ध आहार, नया धान, उड़द, तिल, खजूर, बादाम, गोंद के लड्डू व च्यवनप्राश।
❌ वर्जित आहार (Foods to Strictly Minimize)
भूखे रहना या उपवास (पर्याप्त भोजन न मिलने पर तीव्र अग्नि धातुओं को जलाने लगती है)।
🧘
ऋतु अनुकूल विहार (Lifestyle & Regimen)
भरपूर व्यायाम, तिल के तेल से पूर्ण शरीर मालिश, गर्म वस्त्र व धूप सेवन।
⭐ इस ऋतु का विशेष शास्त्रीय प्रयोग
अश्वगंधा व देसी घी बल्य रसायन
घटक: Ashwagandha root powder (3g), Pure Cow Ghee (1 tsp), Warm Cow Milk (200ml)
✨ मांसपेशियों को बल देता है, हड्डियों को मजबूत करता है व गहरी नींद लाता है
दोष शामक भेषज भंडार (2,544 डेटाबेस नुस्खे)
हेमन्त ऋतु (मार्गशीर्ष व पौष) के लिए अनुकूल नुस्खे (2,079 नुस्खे)
पृष्ठ 345 (प्रति पृष्ठ 6 नुस्खे)
औषधीय लेप / उबटन
सिद्ध तैल प्रयोग
तिल का तेल व सेंधा नमक — पिंडलियों में ऐंठन व बेचैन पैर (RLS)
आयुर्वेदिक प्रयोग (Ksheerapaka)
अश्वगंधा व जायफल युक्त दूध — नसों की कमजोरी व रात की ऐंठन नाशक
सिद्ध तैल प्रयोग
बादाम रोगन व ताजा एलोवेरा — स्ट्रेच मार्क्स व त्वचा खिंचाव निशान नाशक
औषधीय लेप / उबटन
देसी गाय का घी व कस्तूरी हल्दी — त्वचा का लोच व रंग एकसमान करने वाला लेप
पारंपरिक आहार प्रयोग
सफेद तिल व गाय का दूध — जोड़ों की ग्रीस (साइनोवियल फ्लूइड) वर्धक
कुल 2079 में से 2065–2070 नुस्खे प्रदर्शित
Kriyasya
✦ Talk to AI Companion →