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🌦️ षड् ऋतुचर्या · काल-प्रकृति सामंजस्य

आयुर्वेदिक ऋतुचर्या व मौसमी स्वास्थ्य व्यवस्था

ऋतु परिवर्तन के साथ शरीर के वात, पित्त और कफ स्वाभाविक रूप से संचित, प्रकुपित और शांत होते हैं। चरक संहिता के अनुसार 6 ऋतुओं के अनुकूल आहार, दिनचर्या और नुस्खों को अपनाकर वर्ष भर निरोगी रहें।

6 शास्त्रीय ऋतुएं (Shad Ritus)
2 काल (आदान व विसर्ग काल)
1,359 ऋतु-अनुकूल नुस्खे
100% संहिता व आयुष संदर्भ
शास्त्रीय ऋतु चयन (Select Classical Ritu)
🌿 वर्तमान सक्रिय ऋतु: शरद ऋतु (आश्विन व कार्तिक)
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शरद ऋतु (आश्विन व कार्तिक)

📅 मध्य सितंबर से मध्य नवंबर (आश्विन व कार्तिक मास) · ☀️ विसर्ग काल (आकाश स्वच्छ, तीखी शरद धूप)
⚠️ Pitta Aggravation (प्रकोप / Prakopa)
🔥 जठराग्नि व शारीरिक बल की स्थिति (Digestive Fire & Stamina Status)
मध्यम से तीव्र — वर्षा के बाद तेज धूप से संचित पित्त अचानक भड़क उठता है
🥗 हितकर आहार (Favored Seasonal Foods)

मधुर, तिक्त व कषाय रस। देसी गाय का घी, मूंग दाल, परवल, आंवला, मुनक्का, मिश्री व गाय का दूध।

❌ वर्जित आहार (Foods to Strictly Minimize)

दही (शरद में दही वर्जित), सरसों तेल, लहसुन, खटाई, तीखे मसाले व तेज धूप।

🧘 ऋतु अनुकूल विहार (Lifestyle & Regimen)

हंसोदक जल (दिन में धूप और रात में चांदनी से शुद्ध जल), चंद्र किरणों का सेवन व विरेचन।

⭐ इस ऋतु का विशेष शास्त्रीय प्रयोग
आंवला चूर्ण व देसी घी रसायन
घटक: Fresh Amla powder (3g), Pure A2 Cow Ghee (1 tsp), Mishri (1/2 tsp)
✨ शरद ऋतु में भड़के पित्त व एसिडिटी को शांत करता है व त्वचा के दानों से बचाता है
दोष शामक भेषज भंडार (2,544 डेटाबेस नुस्खे)

शरद ऋतु (आश्विन व कार्तिक) के लिए अनुकूल नुस्खे (1,359 नुस्खे)

पृष्ठ 107 (प्रति पृष्ठ 6 नुस्खे)
पारंपरिक आहार प्रयोग

मुंह के छाले, जीभ कटना व मुखपाक के लिए दादी माँ का देसी गाय का घी घरेलू औषधीय प्रयोग

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पारंपरिक आहार प्रयोग

नाक से खून बहना, नकसीर फूटना (ऊर्ध्वग रक्तपित्त) के लिए दादी माँ का बबूल (कीकर) घरेलू औषधीय प्रयोग

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पारंपरिक आहार प्रयोग

नाक से खून बहना, नकसीर फूटना (ऊर्ध्वग रक्तपित्त) के लिए दादी माँ का फिटकरी (स्फटिक) घरेलू औषधीय प्रयोग

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पारंपरिक आहार प्रयोग

नाक से खून बहना, नकसीर फूटना (ऊर्ध्वग रक्तपित्त) के लिए दादी माँ का नींबू घरेलू औषधीय प्रयोग

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आयुर्वेदिक प्रयोग (Ksheerapaka)

कान बहना, कान से पीब व मवाद (कर्णस्राव) के लिए दादी माँ का देसी गाय का दूध औषधीय क्षीरपाक (दूध)

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पारंपरिक आहार प्रयोग

अम्लपित्त, एसिडिटी व सीने में जलन के लिए दादी माँ का देसी गाय का घी घरेलू औषधीय प्रयोग

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कुल 1359 में से 637–642 नुस्खे प्रदर्शित
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