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प्रकृति अनुकूलता · वीर्य संतुलन
दोषानुकूल नुस्खा चयन व तासीर संतुलन इंजन
जो नुस्खा एक व्यक्ति के लिए अमृत है, वह दूसरे के लिए विष हो सकता है। अपनी वात, पित्त या कफ प्रकृति और जठराग्नि के अनुसार नुस्खों की तासीर (वीर्य) अनुकूलित करें और सुरक्षित घटक प्रतिस्थापन जानें।
6
प्रकृति प्रोफाइल
4
जठराग्नि अवस्थाएं
100%
सुरक्षित घटक विकल्प
2,544
अनुकूलित नुस्खे
12 नुस्खा टूल्स देखेंदोषानुकूल नुस्खे
अपनी प्राथमिक प्रकृति (Constitution) चुनें:
वात-कफ द्विदोषज प्रकृति के लिए सुरक्षित व अनुकूल नुस्खे
कुल 2236 नुस्खे इस प्रकृति के लिए उपयुक्त पाए गए (पेज पर 6 प्रदर्शित)
सिद्ध तैल प्रयोग
सिद्ध तैल प्रयोग
बिल्व पत्र सिद्ध तेल — कर्णनाद व वातज बहरापन निवारक
सिद्ध तैल प्रयोग
लौंग का तेल व तिल तेल — ठंडा-गर्म लगने पर दांत संवेदनशीलता रोधक
🌿
लौंग का तेल
आयुर्वेदिक प्रयोग (Gandusha)
त्रिफला व फिटकरी कुल्ला — मसूड़े मजबूत करने व झनझनाहट मिटाने वाला योग
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त्रिफला चूर्ण
शीत कषाय (हिम)
धनिया व सौंफ शीतल हिम — मूत्रमार्ग की चुभन व खुजली शांत करने वाला जल
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धनिया (बीज व पत्ती)
पारंपरिक आहार प्रयोग
ताजा नारियल पानी व इलायची — मूत्र अम्लता व जलन नाशक
कुल 2236 में से 2221–2226 नुस्खे प्रदर्शित
Kriyasya
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