पेट का तेज दर्द व मरोड़ (उदरशूल)
Udarashula (उदरशूल)
रुकी हुई वात के कारण आंतों में तीव्र संकोच व असहनीय पेट दर्द।
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Udarashula (उदरशूल)
रुकी हुई वात के कारण आंतों में तीव्र संकोच व असहनीय पेट दर्द।
Amlapitta (अम्लपित्त)
आमाशय में अतिरिक्त पित्त व अम्ल का संचय, जिससे सीने में जलन व खट्टी डकारें आती हैं।
Atisara (अतिसार)
आंतों में जल धातु की अधिकता व अग्निमांद्य से बार-बार पानी जैसे दस्त होना।
Amlodgara (अम्लोद्गार)
आमाशय में भोजन के सड़ने से खट्टी व दुर्गंधयुक्त डकारों का बार-बार उठना।
Vibandha (विबन्ध)
अपान वायु के कुपित होने से आंतों में रूखापन व मल का रुकना।
Pravahika (प्रवाहिका)
आंतों में आम व कफ के संचय से मरोड़ के साथ चिपचिपा आंव युक्त मल आना।
Yakrit Roga & Medo-Dushti (यकृद् विकार)
लिवर कोशिकाओं में चर्बी जमने से यकृत का कार्य मंद पड़ना।
Amavisha (आमविष / अलसक)
दूषित या विरुद्ध भोजन के सेवन से उत्पन्न तीव्र विषाक्तता व उल्टी-दस्त।
Adhmana & Anaha (आधमान व आनाह)
मंदाग्नि के कारण उदर में अपान वायु का रुकना व पेट में गैस का बनना।
Koshtha Gourava (कोष्ठ गौरव)
आंतों में आमदोष व भारीपन का संचय जिससे शरीर में भारीपन व थकान रहती है।
Hikka (हिक्का)
प्राण व उदान वायु के अवरोध से डायाफ्राम का अचानक संकुचित होना।
Ajirna (अजीर्ण)
जठराग्नि की कमजोरी से भोजन का सम्यक पाचन न होना व आमदोष (टॉक्सिन्स) की उत्पत्ति।