सीने में भारीपन, खिंचाव व हृच्छूल की पूर्व चेतावनी
Hrichchhula (हृच्छूल)
हृदय की धमनियों में पर्याप्त ऑक्सीजन न पहुंचने से सीने में भारी दबाव व दर्द (हृच्छूल)।
रोज़मर्रा की सामान्य स्वास्थ्य चिंताओं के लिए हमारे मौजूदा समीक्षित संग्रह को सरल श्रेणियों में देखें। यह चिकित्सकीय निदान, प्रिस्क्रिप्शन या आपातकालीन देखभाल का विकल्प नहीं है।
पहले सामान्य विषय चुनें, फिर संपूर्ण नुस्खा पृष्ठ पर सामग्री, विधि, मात्रा, सावधानियां और स्रोत देखें।
प्रत्येक विषय का संपूर्ण, स्रोत-सहित पृष्ठ खोलें।
Hrichchhula (हृच्छूल)
हृदय की धमनियों में पर्याप्त ऑक्सीजन न पहुंचने से सीने में भारी दबाव व दर्द (हृच्छूल)।
Hridaya Sroto-Rodha (हृदय स्रोतोरोध)
हृदय की धमनियों में कफ व चर्बी के जमाव से रक्त प्रवाह में अवरोध पैदा होना।
Rakta Dushti (रक्तदुष्टि)
रक्त में पित्त व विषैले तत्वों के मिल जाने से शरीर पर फोड़े, दाद व चर्म विकारों का होना।
Sandra Rakta (सान्द्र रक्त)
कफ व आमदोष के कारण रक्त का गाढ़ा होना जिससे धमनियों में थक्के बनने का खतरा रहता है।
Hridaya Daurbalya (हृद्दौर्बल्य)
हृदय की मांसपेशियों का कमजोर होना जिसे अर्जुन व हृद्य औषधियों द्वारा बल दिया जाता है।
Hriddrava / Hritkampa (हृद्द्रव / हृत्कम्प)
प्राण व व्यान वायु के कुपित होने से हृदय की धड़कन का अनियंत्रित व तेज हो जाना।
Uchcha Raktachapa (उच्च रक्तचाप)
रक्त वाहिकाओं में वात के रूखेपन व पित्त की तेजी से रक्त का अत्यधिक दबाव बढ़ना।
Meda Roga & Dhamani Pratichaya (धमनी प्रतीचय)
कफ व मेद धातु की विकृति से रक्त वाहिकाओं में चिपचिपी चर्बी (कोलेस्ट्रॉल) का जमना।
N निम्न Raktachapa (निम्न रक्तचाप)
रस धातु व ओज की कमी से रक्त संचार का मंद होना व शरीर में निर्बलता।
Vyana Vata Dushti & Shita Pada (शीत पाद)
व्यान वायु के मंद होने से शरीर के छोरों (हाथ-पैरों) तक पर्याप्त रक्त व गर्मी न पहुंचना।
Jwarante Hridaya Klama (ज्वरान्ते हृदय क्लम)
गंभीर ज्वर या संक्रमण के बाद हृदय का थक जाना जिसे रसायन चिकित्सा से पोषण दिया जाता है।
Siragranthi (शिराग्रन्थि)
पैरों की नसों के वाल्व कमजोर होने से अशुद्ध रक्त का ठहरना व नसों का गुच्छेदार फूलना।