घाव के पुराने निशान, दाग व स्कार्स
Vrana Vaikritya (व्रण वैकृत्य)
घाव भरने के बाद छूटे जिद्दी निशान जिन्हें वर्ण्य औषधियों द्वारा सामान्य रंग में लाया जाता है।
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Vrana Vaikritya (व्रण वैकृत्य)
घाव भरने के बाद छूटे जिद्दी निशान जिन्हें वर्ण्य औषधियों द्वारा सामान्य रंग में लाया जाता है।
Indralupta (इन्द्रलुप्त)
रोमकूपों में कफ व रक्त का अवरोध होने से अचानक किसी स्थान के बालों का पूरी तरह उड़ जाना।
Palitya (पालित्य)
क्रोध, तनाव व पित्त वर्धक खान-पान से बालों की जड़ों में मेलेनिन का क्षय व बाल सफेद होना।
Miliaria / Pitika (घमौरियां)
गर्मियों में पसीने की नलियों के बंद होने से त्वचा पर चुभने वाली नन्हीं फुंसियां।
Kitibha & Eka Kushtha (किटीभ कुष्ठ)
वात व कफ के प्रकोप से त्वचा का मछली के शल्क जैसा सूखा, खुरदरा व पपड़ीदार हो जाना।
Kikkisa (किक्किस)
गर्भावस्था या तेजी से वजन घटने-बढ़ने से पेट की त्वचा के रेशे फटने से बनी धारियां।
Twak Vaivarnya (त्वक् वैवर्ण्य)
सूर्य के तीखे ताप से भ्राजक पित्त का कुपित होना व चेहरे का रंग काला पड़ना।
Sheetapitta (शीतपित्त)
ठंडी हवा लगने या पित्त प्रकोपक आहार से शरीर पर बड़े-बड़े लाल चकत्ते (पित्ती) उभरना।