छोटे बच्चों का बिस्तर गीला करना (बाल शय्यामूत्र)
Bala Shayyamutra (बाल शय्यामूत्र)
मूत्राशय की पेशियों की अपरिपक्वता व गहरी नींद के कारण बच्चों का बिस्तर गीला करना।
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Bala Shayyamutra (बाल शय्यामूत्र)
मूत्राशय की पेशियों की अपरिपक्वता व गहरी नींद के कारण बच्चों का बिस्तर गीला करना।
Bala Pratishyaya & Kasa (बाल कास)
बाल्यावस्था स्वाभाविक रूप से कफ प्रधान होने के कारण बच्चों में जल्दी-जल्दी सर्दी-जुकाम होना।
Phakka Roga (फक्क रोग)
पोषण की कमी से बच्चों की हड्डियों का कमजोर होना व सूखा रोग होना।
Bala Krimi (बाल कृमि)
मीठा व मिट्टी खाने से बच्चों के पेट में चुनचुने कीड़े पड़ना जिससे वे रात को दांत पीसते हैं।
Raktapradara / Asrigdara (रक्तप्रदर)
पित्त के तीखेपन से रक्त का पतला होकर अत्यधिक मात्रा में बहना (रक्तप्रदर)।
Bala Udarashula (बाल उदरशूल)
छोटे बच्चों के नाजुक पेट में दूध पीने के बाद गैस अटकना व तेज मरोड़ होना।
Ahiputana (अहिपूतना)
गीलेपन व मूत्र के तीखेपन से शिशु के कूल्हों की नाजुक त्वचा का छिलना (अहिपूतना)।
Dantodbheda Janya Roga (दन्तोद्भेद)
मसूढ़ों को चीरकर दांत बाहर आते समय पित्त की गर्मी से बच्चों को दस्त व बुखार होना।
Anartava / Artavakshaya (आर्तवक्षय)
कफ व वात के कारण गर्भाशय स्रोतों का रुकना व आर्तव का खुलकर न आना।
Stanyakshaya (स्तन्यक्षय)
प्रसवोपरांत रस धातु की कमजोरी से स्तनों में दूध का कम बनना जिसे शतावरी व जीरे से बढ़ाया जाता है।
Kshina Shukra (क्षीणशुक्र)
अत्यधिक पित्त की गर्मी से शुक्र की गुणवत्ता घटना व शुक्राणुओं की संख्या कम होना।
Klaibya & Shukra Kshaya (क्लैब्य व शुक्रक्षय)
शुक्र धातु व वात की निर्बलता से पौरुष में कमी जिसे वाजीकरण औषधियों द्वारा पुष्ट किया जाता है।