स्तनपान में दूध की कमी (स्तन्य क्षय)
प्रसवोपरांत रस धातु की कमजोरी से स्तनों में दूध का कम बनना जिसे शतावरी व जीरे से बढ़ाया जाता है।
प्रमुख लक्षण व संकेत
- माता के स्तनों में पर्याप्त दूध न बनना
- शिशु का रोते रहना
- दूध की कमी
दोष व स्रोतस (शरीर क्रिया)
यह विकार मुख्य रूप से Vata-Pitta (Depletion of Rasa Dhatu) के असंतुलन से उत्पन्न होता है, जो मातृत्व, पुरुष स्वास्थ्य व बाल चिकित्सा को प्रभावित करता है।
✅ पथ्य (क्या सेवन करें / हितकारी)
सुपाच्य, ताजा व गर्म भोजन, गुनगुना पानी, हरी मूंग दाल, परवल, घी का संयमित प्रयोग, समय पर भोजन व पर्याप्त निद्रा।
⚠️ अपथ्य (परहेज / क्या न खाएं)
अत्यधिक मिर्च-मसाले, तला-भुना भोजन, बासी खाना, शीतल पेय (फ्रिज का पानी), दिन में सोना, मानसिक तनाव व देर रात तक जागना।
आपातकालीन चेतावनी व लाल झंडे (Red Flags)
घरेलू नुस्खे केवल सामान्य व प्रारंभिक अवस्था के लिए हैं। यदि तेज सीने में दर्द, सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई, बेहोशी, मल या उल्टी में खून, या 3 दिन से अधिक तेज बुखार हो, तो तुरंत निकटतम अस्पताल अथवा योग्य चिकित्सक से संपर्क करें।
