Skip to main content
आयुर्वेद व घरेलू नुस्खे · रोग एवं लक्षण अनुसार पारंपरिक समाधान

फटी एड़ियां, बिवाई व तलवों की दरारें

Cracked Heels, Painful Fissures & Dry Soles · Vipadika (विपादिका)

156 रोग व स्थितियां
2,544 घरेलू नुस्खे
10 शारीरिक संस्थान
100% द्विभाषी (हिन्दी / English)

फटी एड़ियां, बिवाई व तलवों की दरारें

Cracked Heels, Painful Fissures & Dry Soles
Classical Ayurvedic Term: Vipadika (विपादिका)
sparkles त्वचा, केश व प्राकृतिक सौंदर्य सामान्य / हल्का Dosha: Vata (extreme dryness)

वात के रूखेपन के कारण एड़ियों की त्वचा का फटना व बिवाइयां होना।

प्रमुख लक्षण व संकेत

  • एड़ियों में गहरी दरारें फटना
  • चलने पर खून निकलना व दर्द
  • पैरों के तलवों का सख्त होना

दोष व स्रोतस (शरीर क्रिया)

यह विकार मुख्य रूप से Vata (extreme dryness) के असंतुलन से उत्पन्न होता है, जो त्वचा, केश व प्राकृतिक सौंदर्य को प्रभावित करता है।

शास्त्रीय सिद्धांत: विपरीत गुण सिद्धांत — दोष शमन, आम पाचन व स्रोतोशोधन।

✅ पथ्य (क्या सेवन करें / हितकारी)

सुपाच्य, ताजा व गर्म भोजन, गुनगुना पानी, हरी मूंग दाल, परवल, घी का संयमित प्रयोग, समय पर भोजन व पर्याप्त निद्रा।

⚠️ अपथ्य (परहेज / क्या न खाएं)

अत्यधिक मिर्च-मसाले, तला-भुना भोजन, बासी खाना, शीतल पेय (फ्रिज का पानी), दिन में सोना, मानसिक तनाव व देर रात तक जागना।

🚨

आपातकालीन चेतावनी व लाल झंडे (Red Flags)

घरेलू नुस्खे केवल सामान्य व प्रारंभिक अवस्था के लिए हैं। यदि तेज सीने में दर्द, सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई, बेहोशी, मल या उल्टी में खून, या 3 दिन से अधिक तेज बुखार हो, तो तुरंत निकटतम अस्पताल अथवा योग्य चिकित्सक से संपर्क करें।

शास्त्रीय व घरेलू नुस्खे (2 नुस्खे उपलब्ध)

प्राचीन ग्रंथों व 19 पुस्तकों से संकलित व परीक्षित घरेलू उपचार। मात्रा व अनुपान का ध्यान रखें।

← अन्य रोग देखें

Rhagades (Cracked Heels) के लिए Spanish Jasmine (*Jasminum grandiflorum*) (तुलसी) का औषधीय प्रयोग

Spanish Jasmine (*Jasminum grandiflorum*): Holy Basil (Tulsi) Protocol for Rhagades (Cracked Heels)
🌿 लेप / उबटन
🌱
तुलसी (Ocimum sanctum) रसोई मसाला
वीर्य (प्रभाव): Ushna (Heating) · विपाक: Katu (Pungent) · दोष प्रभाव: कफ व वात नाशक

आवश्यक सामग्री व मात्रा (Ingredients & Quantity)

  • तुलसी · मुख्य सामग्री

चरणबद्ध बनाने की विधि व प्रयोग निर्देश (Step-by-Step Instructions):

1
Spanish Jasmine (*Jasminum grandiflorum*) (तुलसी) का उपयोग: Express fresh leaf juice and pack directly into cracked heel fissures.. इसे आवश्यकतानुसार काढ़ा, चूर्ण अथवा लेप के रूप में प्रयोग करें।
दिन में 1 से 2 बार भोजन के पूर्व अथवा मध्याह्न में सेवन करें।
Lukewarm water / Honey / Ghee
Twice daily before meals
14 to 30 days
⚠️
सावधानी व वर्जनाएं: निर्धारित मात्रा से अधिक सेवन न करें। पेट में जलन होने पर मात्रा घटाएं।
🍃 स्वरस (ताजा रस)
🌱
गुलाब जल (Rosa damascena distillate) रसोई मसाला
वीर्य (प्रभाव): Sheeta (Cooling) · विपाक: Madhura (Sweet) · दोष प्रभाव: पित्त शामक व शीतल

आवश्यक सामग्री व मात्रा (Ingredients & Quantity)

  • गुलाब जल · मुख्य सामग्री
  • नींबू

चरणबद्ध बनाने की विधि व प्रयोग निर्देश (Step-by-Step Instructions):

1
स्वदेशी घरेलू चिकित्सा विधि: गुलाब जल व अन्य आवश्यक द्रव्यों का उपयोग करें। Mix equal quantities of: - Glycerin. - Rose water. - Lemon juice. Store in a glass bottle. Apply to cracked heels at bedtime with a light massage and wash the feet with lukewarm water in the morning. The source says the same mixture may be applied to a cracked face in winter overnight.. इसे नियमित रूप से निर्देशानुसार लें।
घरेलू मात्रा अनुसार दिन में 1 से 2 बार सेवन करें।
Warm water / Honey / Cow milk
Morning or bedtime
10 to 30 days
⚠️
सावधानी व वर्जनाएं: बासी, जंक व प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से परहेज रखें।
↑ पृष्ठ के शीर्ष पर जाएं
Kriyasya
✦ Talk to AI Companion →