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पंचक एवं गौरी पंचांगम कैलकुलेटर: शुभ-अशुभ मुहूर्त एवं पांच पंचक दोषों का निवारण

पंचक दोष एवं गौरी पंचांगम कैलकुलेटर द्वारा जानें आज के शुभ मुहूर्त। मृत्यु, अग्नि, राज, चोर और रोग पंचक से बचने के प्रामाणिक शास्त्रीय नियम।

English Edition Read in Hindi
By 2 min read Updated October 23, 2026

वैदिक मुहूर्त शास्त्र में किसी भी नए और शुभ कार्य का आरम्भ करते समय अशुभ समय से बचना अत्यंत आवश्यक माना गया है। इसके लिए पंचक दोष और गौरी पंचांगम दो प्रमुख शास्त्रीय आधार हैं। जब कोई व्यक्ति गृह निर्माण, छत ढालना, विवाह, यात्रा या पूंजी निवेश की योजना बनाता है, तो पंचक के पांच दोषों (मृत्यु, अग्नि, राज, चोर, रोग) से बचना अनिवार्य है। इसी प्रकार, दक्षिण एवं उत्तर भारत में लोकप्रिय गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ भागों में बांटकर 'अमृत', 'उद्योग', 'लाभ' और 'शुभ' जैसे स्वर्णिम समय की पहचान कराता है। क्रियास्य पंचक एवं गौरी पंचांगम कैलकुलेटर इन सूक्ष्म मुहूर्तों की सटीक गणना करता है।

पंचक के पांच प्रमुख प्रकार एवं निषेध

  • रोग पंचक: इस समय में नए कार्य आरंभ करने से शारीरिक कष्ट और स्वास्थ्य बाधाएं आती हैं।
  • अग्नि पंचक: गृह निर्माण, छत ढालने या मशीनरी स्थापना में अग्नि भय रहता है।
  • राज पंचक: सरकारी कार्यों व अदालती मामलों में प्रतिकूल परिणाम संभव होते हैं।
  • चोर पंचक: धन के लेन-देन, व्यापारिक सौदों और यात्रा में धन हानि की आशंका रहती है।
  • मृत्यु पंचक: अत्यंत संवेदनशील समय; किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य हेतु वर्जित।

आज का पंचक एवं शुभ गौरी मुहूर्त जानें

क्रियास्य पंचांगम कैलकुलेटर द्वारा अपने शहर के अनुसार आज के अमृत और शुभ गौरी मुहूर्त देखें।

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संपादकीय एवं शैक्षणिक अस्वीकरण

क्रियास्य पल्स पर प्रकाशित सामग्री पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक शोध के समन्वय पर आधारित एक शैक्षणिक पहल है। पाठकों से अपेक्षा की जाती है कि वे व्यक्तिगत विवेक का प्रयोग करें।

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