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जमाखोरी विकार (Hoarding): संज्ञानात्मक वर्गीकरण, वस्तुओं से लगाव और वैज्ञानिक निस्तारण

होर्डिंग डिसऑर्डर के मनोवैज्ञानिक तंत्र, जबरन सफाई के नुकसान और वर्गीकरण कौशल पर 20 विस्तृत वीडियो पाठ।

English Edition Read in Hindi
By Kriyasya Companion 2 min read Updated October 23, 2026

जमाखोरी विकार (Hoarding Disorder) किसी वस्तु के वास्तविक मूल्य की परवाह किए बिना उसे फेंकने या अलग करने में निरंतर कठिनाई का अनुभव होना है, जिसके कारण घर के रहने योग्य कमरों में सामान का अत्यधिक अंबार लग जाता है और वे अप्रयोज्य हो जाते हैं। रैंडी फ्रॉस्ट और गेल स्टेकेटी के संज्ञानात्मक मॉडल (1996) के अनुसार, यह समस्या वस्तुओं के प्रति अत्यधिक भावनात्मक लगाव, सूचना प्रसंस्करण में कमी (सामान को वर्गीकृत न कर पाना) और भविष्य में आवश्यकता पड़ने के अवास्तविक डर से पैदा होती है। जमाखोरी विकार मनोशिक्षा मॉड्यूल 20 पाठों में जबरन सफाई के नुकसान और व्यवस्थित छंटाई तकनीकों का वैज्ञानिक मार्गदर्शन देता है।

कलेक्शन और होर्डिंग में अंतर

कलेक्टर अपने सामान को व्यवस्थित रखते हैं और गर्व से दिखाते हैं, जबकि होर्डिंग में बिस्तर, रसोई और रास्ते सामान से भर जाते हैं जिससे आग लगने और संक्रमण का खतरा रहता है। यदि परिवार के लोग बिना सहमति के सामान फेंकते हैं, तो व्यक्ति को गहरा सदमा लगता है और विश्वास टूट जाता है।

निर्णय लेने का प्रशिक्षण और निस्तारण

सीबीटी में व्यक्ति को सामान को श्रेणियों (रखना, दान देना, फेंकना) में बांटने और सामान फेंकते समय होने वाली घबराहट को सहन करने का अभ्यास कराया जाता है।

संपादकीय एवं शैक्षणिक अस्वीकरण

क्रियास्य पल्स पर प्रकाशित सामग्री पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक शोध के समन्वय पर आधारित एक शैक्षणिक पहल है। पाठकों से अपेक्षा की जाती है कि वे व्यक्तिगत विवेक का प्रयोग करें।

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होर्डिंग डिसऑर्डर के मनोवैज्ञानिक तंत्र, जबरन सफाई के नुकसान और वर्गीकरण कौशल पर 20 विस्तृत वीडियो पाठ।

जमाखोरी विकार (Hoarding): संज्ञानात्मक वर्गीकरण, वस्तुओं से लगाव और वैज्ञानिक निस्तारण

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