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अवसाद (Depression): बेक संज्ञानात्मक त्रय, निष्क्रियता चक्र और व्यवहार सक्रियता

अवसाद के नैदानिक लक्षण, मस्तिष्क में सेरोटोनिन व डोपामाइन असंतुलन और बिहेवियरल एक्टिवेशन पर 23 वैज्ञानिक पाठ।

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लेखक: Kriyasya Companion 2 मिनट का पाठ अपडेट: October 23, 2026

मेजर डिप्रेसिव डिसऑर्डर (अवसाद - Depression) एक गंभीर मूड विकार है जिसमें लगातार कम से कम दो सप्ताह तक अत्यधिक उदासी, निराशा और दैनिक गतिविधियों में आनंद व रुचि की पूर्ण कमी (एनहेडोनिया) बनी रहती है। इसके साथ ही नींद और भूख में बदलाव, अत्यधिक शारीरिक थकान, अपराधबोध, ध्यान केंद्रित न कर पाना और जीवन समाप्त करने के विचार आ सकते हैं। हारून टी. बेक के संज्ञानात्मक मॉडल (1967) और पीटर लेविंसन के व्यवहार सक्रियता सिद्धांत के अनुसार, अवसाद नकारात्मक विचारों और निष्क्रियता के दुष्चक्र से बना रहता है। अवसाद मनोशिक्षा मॉड्यूल 23 विस्तृत पाठों में अवसाद के न्यूरोलॉजिकल कारणों, बेक के संज्ञानात्मक त्रय और बिहेवियरल एक्टिवेशन का ज्ञान प्रदान करता है।

बेक का नकारात्मक संज्ञानात्मक त्रय

अवसादग्रस्त व्यक्ति का मस्तिष्क तीन नकारात्मक विश्वासों में जकड़ा रहता है: खुद के बारे में नकारात्मकता ("मैं बेकार और एक बोझ हूँ"), दुनिया के बारे में नकारात्मकता ("सब कुछ दर्दनाक और अन्यायपूर्ण है"), और भविष्य के बारे में निराशा ("कभी कुछ ठीक नहीं होगा")।

व्यवहार सक्रियता (Behavioral Activation): निष्क्रियता को तोड़ना

उदासी होने पर व्यक्ति बिस्तर में पड़ा रहता है और सामाजिक मेलजोल बंद कर देता है, जिससे मस्तिष्क को सकारात्मक अनुभव मिलने बंद हो जाते हैं और उदासी और गहरी हो जाती है। व्यवहार सक्रियता में व्यक्ति बिना मन किए भी छोटे-छोटे सार्थक कार्यों को दिनचर्या में जोड़ता है, जिससे मस्तिष्क में डोपामाइन और सेरोटोनिन का प्रवाह पुनः शुरू होता है।

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अवसाद के नैदानिक लक्षण, मस्तिष्क में सेरोटोनिन व डोपामाइन असंतुलन और बिहेवियरल एक्टिवेशन पर 23 वैज्ञानिक पाठ।

अवसाद (Depression): बेक संज्ञानात्मक त्रय, निष्क्रियता चक्र और व्यवहार सक्रियता

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