अपनी प्रकृति, लक्ष्य और दिनचर्या के बारे में कुछ प्रश्नों के उत्तर दें। हम आपके लिए एक संतुलित, सात्विक दिन-भोजन योजना तैयार करेंगे — खाने का सही समय, क्या बढ़ाएँ, क्या घटाएँ।
आयुर्वेद के अनुसार 24 घंटे का प्रत्येक कालखंड एक विशिष्ट दोष (कफ, पित्त, वात) द्वारा संचालित होता है। भोजन और साधना को इस प्राकृतिक चक्र के अनुकूल रखें।