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शास्त्रीय वास्तु गणना

वास्तु मुहूर्त एवं गृह निर्माण गाइड

वृहत्संहिता एवं मुहूर्त चिंतामणि के अनुसार भूमि पूजन, खनन, शिलान्यास और आयाम शुद्धि की प्रामाणिक शास्त्रीय मार्गदर्शिका।

चर वास्तु एवं निर्माण साइट प्रबंधन

Vishwakarma Prakash · Vastu Ratnavali

चर वास्तु गतिशील वस्तुओं, वाहनों और निर्माण के दौरान सामग्री व श्रमिक व्यवस्था के नियमों का प्रतिपादन करता है।

वाहन पार्किंग दिशा निर्देश

✓ वायव्य (उत्तर-पश्चिम) सर्वोत्तम

कार व नियमित वाहनों के लिए सर्वोत्तम: वायु तत्व नियमित आवागमन व सुरक्षित यात्रा को बढ़ावा देता है।

○ आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) मान्य

दोपहिया व आपातकालीन वाहनों हेतु मान्य: अग्नि तत्व गतिशीलता देता है, वाहन का मुख पूर्व की ओर रखें।

✕ ईशान (उत्तर-पूर्व) वर्जित

यहाँ वाहन खड़ा करना वर्जित है: प्राण ऊर्जा व प्रातःकालीन सूर्य किरणों में बाधा डालता है।

⚠ नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) हानिकारक

बार-बार खराबी व रखरखाव खर्च: भारी पृथ्वी तत्व गतिशीलता को रोकता है जिससे वाहन अक्रिय होता है।

निर्माण सामग्री भंडारण व साइट व्यवस्था

सामग्री / व्यवस्था शास्त्रोक्त दिशा वास्तु कारण
भारी निर्माण सामग्री (लोहा, गिट्टी, सीमेंट) नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) (SW) निर्माण के दौरान पृथ्वी कोण को शुभ भारीपन प्रदान करता है।
तराई हेतु पानी का हौज व बालू ईशान (उत्तर-पूर्व) (NE) जल तत्व को उसकी प्राकृतिक शुभ दिशा में स्थापित रखता है।
श्रमिक रसोई व अस्थाई आश्रय आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) (SE) अग्नि संबंधी गतिविधियाँ आग्नेय कोण में सुरक्षित रहती हैं।
साइट ऑफिस व सुरक्षा कक्ष वायव्य (उत्तर-पश्चिम) (NW) सतर्कता व सुगम प्रबंधन सुनिश्चित करता है।
Kriyasya
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