वास्तु मुहूर्त एवं गृह निर्माण गाइड
वृहत्संहिता एवं मुहूर्त चिंतामणि के अनुसार भूमि पूजन, खनन, शिलान्यास और आयाम शुद्धि की प्रामाणिक शास्त्रीय मार्गदर्शिका।
राहु मुख भूमि पूजन कम्पास
Brihat Samhita 53:68-71 · Muhurat Chintamaniराहोः पृष्ठे सदा कार्यं खनं वास्तुपूजनम्। मुखे मृत्योर्भयं विद्यात् कुक्षौ नाशं धनस्य च॥
राहु की पीठ की ओर सदा खनन व वास्तु पूजन करें। मुख में खनन से विनाश का भय होता है और पेट की ओर धन हानि होती है।
सूर्य देव तुला (सिंह, कन्या, तुला)
12 राशियों में सूर्य संक्रांति के अनुसार कम्पास स्वचालित अनुकूलित होता है
भूमि पूजन दिशा परिणाम व विधि
भूमि पूजन के समय प्रथम कुदाल प्रहार यहीं करें।
पृष्ठ प्रहार के उपरांत द्वितीयक खनन के लिए सुरक्षित।
इस दिशा में भूलकर भी भूमि पूजन या प्रथम खनन न करें।
इस क्षेत्र में कार्य प्रारंभ करने से बचें।
भूमि पूजन और प्रथम खनन प्रहार पूर्व दिशा (राहु पृष्ठ) या ईशान कोण में करें। दक्षिण (मुख) और पश्चिम (कुक्षि) में खनन वर्जित है।
