मुखाकृति विज्ञान का सबसे मौलिक सिद्धांत चेहरे को तीन प्रमुख मंडलों (प्राच्य ग्रंथों में 'सान तिंग' और सामुद्रिक शास्त्र में 'त्रिभाग') में विभाजित करता है। ये तीन भाग जीवन के तीन महत्वपूर्ण कालखंडों—बाल्यकाल व युवावस्था, मध्य आयु और उत्तर जीवन—का प्रतिनिधित्व करते हैं। जब ये तीनों मंडल अनुपातिक और संतुलित होते हैं, तो जीवन में निरंतर स्थिरता बनी रहती है।
चेहरे के तीन मंडलों का शास्त्रीय विवेचन
| मंडल | शारीरिक सीमा | आयु कालखंड | मुख्य गुणधर्म |
|---|---|---|---|
| ऊपरी मंडल (मस्तक भाग) | केश रेखा से भौंहों तक | 15 से 30 वर्ष (प्रारंभिक जीवन) | बौद्धिक प्रतिभा, पूर्वजों से मिले संस्कार, चिंतन शक्ति |
| मध्य मंडल (मध्य भाग) | भौंहों से नाक के निचले भाग तक | 31 से 50 वर्ष (कर्म क्षेत्र) | व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा, पुरुषार्थ, व्यापार व सामाजिक प्रतिष्ठा |
| निचला मंडल (अधोभाग) | नाक के नीचे से ठोड़ी (चिन) तक | 51 वर्ष से आगे (उत्तर जीवन) | दृढ़ इच्छाशक्ति, संचित धन की सुरक्षा, स्वास्थ्य व दीर्घायु |
