Skip to main content
Faith & Devotion

पूजा घंटी बजाने के नियम: दैनिक पूजा व जप की सरल विधि

पूजा घंटी बजाने के नियम के दैनिक जप और पूजा की चरणबद्ध विधि, संकल्प, न्यास और आरती का सरल क्रम जानिए। पढ़िए क्रियास्य पर और नियम से करें।

हिन्दी संस्करण Read in English →
लेखक: Kriyasya Companion 3 मिनट का पाठ अपडेट: October 28, 2026

सनातन धर्म और वैदिक परंपरा में पूजा की घंटी: घंटी बजाने का सही तरीका और वैज्ञानिक रहस्य को अत्यंत कल्याणकारी, संकट मोचन और आत्मिक शांति देने वाला माना गया है। शास्त्रों का स्पष्ट कथन है कि जब कोई व्यक्ति श्रद्धा, नियम और सही विधि से भगवान की पूजा और मंत्र का जप करता है, तो उसके जीवन के बड़े से बड़े कष्ट, भय और ग्रह दोष समाप्त हो जाते हैं।

दैनिक जप की सरल क्रमबद्ध विधि: आचमन, संकल्प, ध्यान, मंत्र जप और प्रभु को अर्पण करने का सही नियम

घंटी की पावन टन-टन की आवाज दिमाग के दोनों हिस्सों को तुरंत संतुलित कर देती है। इसकी गूंज कम से कम 7 सेकंड तक रहती है जो शरीर के सातों चक्रों को जाग्रत कर मन के फालतू विचारों को शांत कर देती है। हमारे पूज्य ग्रंथ Agama Shastra & Skanda Purana Ghanta Vadan Mahatmya में इस पावन पाठ का विस्तार से वर्णन मिलता है, जो मन और आत्मा को नई ऊर्जा से भर देता है।

पूजा का मुख्य पहलूशास्त्र सम्मत नियमदैनिक जीवन में लाभ
मुख्य देवता व ऊर्जाभगवान गरुड़ देव और नाद ब्रह्म, देवताओं का आह्वान करने वाले और आसुरी शक्तियों को भगाने वालेजीवन में साहस, विजय और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
पावन ग्रंथ व आधारAgama Shastra & Skanda Purana Ghanta Vadan Mahatmyaवाणी में मधुरता और चित्त में एकाग्रता बढ़ती है।
पूजा का सही समयसुबह और शाम की पूजा शुरू करते समय, और मुख्य रूप से भगवान की आरती के समयपूजा का सौ गुना अधिक पुण्य और फल प्राप्त होता है।
प्रिय भोग व पुष्पपीतल या कांसे की घंटी जिसके हैंडल पर गरुड़ जी की आकृति हो, चंदन का तिलक और अक्षतघर के मंदिर में पवित्रता और देवी-देवताओं का वास होता है।
भूलकर भी न करेंबिना ताल के बहुत जोर-जोर से घंटी पीटना, रात को 10 बजे के बाद घंटी बजाना, और टूटी हुई घंटी बजानापूजा के खंडित होने और दोष लगने से बचाव होता है।

प्रामाणिक वैदिक मंत्र एवं सरल हिंदी अर्थ

शास्त्रों में कहा गया है कि किसी भी मंत्र का जप करते समय उसका अर्थ समझना जरूरी है। Agama Shastra & Skanda Purana Ghanta Vadan Mahatmya का यह पावन श्लोक विशेष फलदायी है:

॥ आगमनार्थं तु देवानां गमनार्थं तु रक्षसाम्। घण्टानादं प्रकुर्वीत देवताह्वानलक्षणम्॥ ॥

सरल हिंदी अर्थ: "To invite the arrival of divine deities and prompt the swift departure of negative demonic forces, one should ring the sacred bell as the primary symbol of divine invocation."

दैनिक पूजा की सरल चरणबद्ध विधि और जरूरी नियम

बाएं हाथ से घंटी पकड़कर मधुर ताल में बजाएं, दाएं हाथ से आरती या धूप घुमाएं, और पूजा समाप्त होने पर घंटी को आदर से माथे पर लगाएं।

  • स्नान और शुद्धि: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, साफ-सुथरे हल्के वस्त्र पहनें और पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके आसन पर बैठें।
  • दीपक और धूप: घर के मंदिर में गाय के शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक जलाएं और सुगंधित धूपबत्ती सुलगाएं।
  • संकल्प और ध्यान: हाथ में थोड़ा सा जल और पुष्प लेकर अपनी मनोकामना का स्मरण करें, फिर जल को प्रभु के चरणों में अर्पित कर दें।
  • आरती और क्षमा प्रार्थना: पाठ पूरा होने के बाद प्रेमपूर्वक आरती करें और अंत में अनजाने में हुई भूलों के लिए क्षमा मांगें।

शास्त्रोक्त फलश्रुति: नियमित पाठ के चमत्कारी लाभ

जो श्रद्धालु नियमित रूप से इस विधि का पालन करते हैं, उन्हें ये दिव्य परिणाम मिलते हैं: घर के वातावरण में दिव्यता का वास, आलस और सुस्ती का मिटना, बच्चों की एकाग्रता बढ़ना और पूजा का पूर्ण फल मिलना।

पूजा और पाठ से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर

पूजा की घंटी के हैंडल पर गरुड़ जी की मूर्ति क्यों बनी होती है?

गरुड़ जी भगवान विष्णु के वाहन हैं और सभी विषैले सर्पों व नकारात्मक शक्तियों के नाशक हैं; गरुड़ घंटी बजाने से घर में किसी भी बुरी शक्ति का वास नहीं हो सकता।

घंटी की आवाज से दिमाग तुरंत शांत क्यों हो जाता है?

घंटी की ध्वनि 'ॐ' की तरह गूंजती है जो दिमाग के तनाव वाले हार्मोन्स को तुरंत कम कर देती है और मनुष्य सीधे ध्यान की अवस्था में पहुंच जाता है।

रात को आरती के बाद घंटी बजाने की मनाही क्यों होती है?

रात की शयन आरती के बाद भगवान विश्राम करते हैं; इसलिए शयन के बाद मंदिर का पर्दा लगा दिया जाता है और घंटी नहीं बजाई जाती।

Share This Insight Faith & Devotion

पूजा घंटी बजाने के नियम के दैनिक जप और पूजा की चरणबद्ध विधि, संकल्प, न्यास और आरती का सरल क्रम जानिए। पढ़िए…

पूजा घंटी बजाने के नियम: दैनिक पूजा व जप की सरल विधि

Share to WhatsApp Post