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नींद संबंधी विकार और अनिद्रा: बोरबेली दोहरी प्रक्रिया मॉडल और सीबीटी-आई (CBT-I)

क्रोनिक अनिद्रा के जैविक कारण, नींद की गलत आदतों के चक्र और वैज्ञानिक सीबीटी-आई (CBT-I) तकनीकों पर 23 संरचित पाठ।

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लेखक: Kriyasya Companion 2 मिनट का पाठ अपडेट: October 23, 2026

नींद मस्तिष्क की मरम्मत, यादों के संचय और मस्तिष्क से विषाक्त पदार्थों को साफ करने (glymphatic clearance) के लिए एक अनिवार्य जैविक आवश्यकता है। अनिद्रा विकार (Insomnia Disorder) में व्यक्ति को सोने का पूरा अवसर मिलने के बावजूद नींद आने में कठिनाई होती है, रात में बार-बार आंख खुलती है, या सुबह बहुत जल्दी आंख खुल जाती है और दिन भर थकान रहती है। अलेक्जेंडर बोरबेली के द्वि-प्रक्रिया मॉडल (Two-Process Model) और आर्थर स्पीलमैन के 3P मॉडल पर आधारित नींद संबंधी विकार और अनिद्रा मनोशिक्षा मॉड्यूल 23 पाठों में नींद के शरीरक्रिया विज्ञान और गोल्ड-स्टैंडर्ड सीबीटी-आई (CBT-I) थेरेपी का वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्रदान करता है।

स्पीलमैन का 3P मॉडल: अनिद्रा पुरानी क्यों हो जाती है?

किसी तनाव के कारण शुरू में कुछ रातें नींद नहीं आती। परंतु इसके बाद व्यक्ति नींद पूरी करने के लिए दिन में सोने लगता है, या बिस्तर पर 10-10 घंटे करवटें बदलता रहता है। ये गलत आदतें (Perpetuating factors) मस्तिष्क में बिस्तर को नींद के बजाय बेचैनी और तनाव का स्थान बना देती हैं।

सीबीटी-आई (CBT-I) के वैज्ञानिक नियम

नींद की गोलियों के बजाय सीबीटी-आई सबसे प्रभावी उपचार है। इसके नियम: बिस्तर पर केवल नींद आने पर जाएं; 20 मिनट तक नींद न आए तो बिस्तर से उठकर किसी मंद रोशनी वाले कमरे में शांत बैठें; और हर दिन सुबह एक ही निश्चित समय पर उठें ताकि रात को मस्तिष्क में स्वाभाविक नींद का दबाव (Sleep pressure) बन सके।

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क्रोनिक अनिद्रा के जैविक कारण, नींद की गलत आदतों के चक्र और वैज्ञानिक सीबीटी-आई (CBT-I) तकनीकों पर 23 संरचित पाठ।

नींद संबंधी विकार और अनिद्रा: बोरबेली दोहरी प्रक्रिया मॉडल और सीबीटी-आई (CBT-I)

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