सोते समय जब आंखें तो बंद होती हैं लेकिन दिमाग में विचारों की लगातार बातचीत चलती रहती है—कल क्या होगा, किसी ने क्या कहा था—तो इंसान करवटें बदलते-बदलते थक जाता है। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. हर्बर्ट बेन्सन ने अपने विश्व प्रसिद्ध शोध "द रिलैक्सेशन रिस्पांस" (The Relaxation Response, 1975) में साबित किया कि दिमाग के शोर को रोकने का सबसे अचूक तरीका धीमी सांस के साथ एक शांत शब्द को मन में दोहराना है। शांत मन श्वास टूल आपको 4 सेकंड में सांस लेने और 8 सेकंड में छोड़ते हुए एक शांत शब्द पर ध्यान टिकाने का अभ्यास कराता है जिससे दिमाग का सारा शोर तुरंत थम जाता है।
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हर्बर्ट बेन्सन का रिलैक्सेशन रिस्पांस विज्ञान
जब हम सांस छोड़ते समय मन में किसी सरल और शांत शब्द (जैसे "शांति" या "एक") को दोहराते हैं, तो दिमाग के विचार केंद्र को नया भटकाव पैदा करने की जगह नहीं मिलती। इससे दिल की धड़कन धीमी होती है और मस्तिष्क की तरंगें गहरी नींद की स्थिति में पहुंच जाती हैं।
शांत मन श्वास के 4 आसान चरण
- 4 सेकंड अंदर सांस: नाक से सहज और धीमी गति से 4 सेकंड तक सांस भरें।
- 8 सेकंड बाहर सांस: मुंह से 8 सेकंड में धीरे-धीरे सांस छोड़ें और मन में धीरे से कहें: "शांति।"
- विचार आने पर न लड़ें: यदि कोई विचार आ भी जाए, तो गुस्सा न करें; बस दोबारा अपने शब्द पर लौट आएं।
- गहरी नींद में प्रवेश: 5 मिनट में दिमाग बिल्कुल शांत हो जाएगा और प्राकृतिक नींद आ जाएगी।
