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विकलांगता का मनोविज्ञान: सामाजिक मॉडल, सोमैटोसाइकोलॉजी और सुलभता

दिव्यांगता और स्वाभिमान का मनोविज्ञान, सामाजिक मॉडल, बीट्राइस राइट के सिद्धांत और एबलिज्म पूर्वाग्रह मुक्ति पर 14 पाठ।

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लेखक: Kriyasya Companion 2 मिनट का पाठ अपडेट: October 23, 2026

विकलांगता का मनोविज्ञान (Psychology of Disability) शारीरिक, संवेदी, बौद्धिक और न्यूरोलॉजिकल भिन्नताओं से युक्त व्यक्तियों के मानसिक स्वास्थ्य, जीवन के अनुभवों और सामाजिक बाधाओं का वैज्ञानिक अध्ययन है। यह विषय चिकित्सा के उस पुराने दृष्टिकोण को पूरी तरह खारिज करता है जो दिव्यांगता को केवल 'रोग' या 'लाचारी' मानता था। इसके स्थान पर यह विकलांगता के सामाजिक मॉडल (Social Model of Disability) और बीट्राइस राइट (Beatrice Wright) के सिद्धांतों पर आधारित है। सामाजिक मॉडल स्पष्ट करता है कि शरीर में कोई भिन्नता होना (Impairment) प्राकृतिक है, लेकिन समाज की अनुपयुक्त इमारतें, टूटी सड़कें, रोजगार में भेदभाव और उपेक्षा का नजरिया ही व्यक्ति को विकलांग (Disabled) बनाता है। विकलांगता का मनोविज्ञान मनोशिक्षा मॉड्यूल 14 वीडियो पाठों में स्वाभिमान से जीने, दिव्यांगता को पहचान का स्वाभाविक अंग मानने, एबलिज्म (Ableism) के पूर्वाग्रहों को समाप्त करने और 'हमारे बिना हमारे बारे में कुछ नहीं' के सिद्धांत का अध्ययन प्रस्तुत करता है।

सामाजिक मॉडल: समस्या इंसान में नहीं, व्यवस्था में है

यदि कोई व्यक्ति व्हीलचेयर का उपयोग करता है और किसी इमारत में रैंप नहीं है, तो समस्या उसकी व्हीलचेयर में नहीं बल्कि उस इमारत के खराब डिजाइन में है। जब हम शहरों और कार्यस्थलों को सुलभ (Accessible) बनाते हैं, तो हर व्यक्ति अपनी पूरी क्षमता से देश और समाज के विकास में योगदान दे सकता है।

बीट्राइस राइट का मूल्य परिवर्तन सिद्धांत

सच्चा आत्म-सम्मान तब जागता है जब व्यक्ति अपनी पहचान को केवल अपने शरीर के अंगों से नहीं जोड़ता, बल्कि अपने मानवीय गुणों, ज्ञान और आंतरिक मूल्यों को प्राथमिकता देता है।

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दिव्यांगता और स्वाभिमान का मनोविज्ञान, सामाजिक मॉडल, बीट्राइस राइट के सिद्धांत और एबलिज्म पूर्वाग्रह मुक्ति पर 14 पाठ।

विकलांगता का मनोविज्ञान: सामाजिक मॉडल, सोमैटोसाइकोलॉजी और सुलभता

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