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योग निद्रा प्रेरित विश्राम: 20 मिनट में गहरी शारीरिक व मानसिक ताजगी पाने की प्राचीन व वैज्ञानिक विधि

नींद की कमी और थकान को चुटकियों में मिटाएं। प्राचीन योग निद्रा और वैज्ञानिक NSDR तकनीक से अपने मस्तिष्क को असीम शांति दें।

English Edition Read in Hindi
By Kriyasya Companion 2 min read Updated October 23, 2026

जब शरीर बुरी तरह थक चुका हो लेकिन दिमाग में विचारों की आंधी चल रही हो जिसके कारण नींद न आ रही हो, तो ऐसी स्थिति को 'शारीरिक और मानसिक थकावट' (Burnout) कहा जाता है। प्राचीन भारतीय योग परंपरा में 'योग निद्रा' को सबसे गहरा विश्राम माना गया है। आधुनिक न्यूरोसाइंस में इसे नॉन-स्लीप डीप रेस्ट (NSDR) कहा जाता है। योग निद्रा में इंसान जागने और सोने के बीच की एक ऐसी अद्भुत अवस्था में पहुँच जाता है जहाँ शरीर सो रहा होता है लेकिन चेतना जाग रही होती है। योग निद्रा प्रेरित विश्राम टूल आपको मात्र 20 मिनट में कई घंटों की गहरी नींद जितनी ताजगी और शांति प्रदान करता है।

योग निद्रा का वैज्ञानिक प्रभाव

वैज्ञानिक अध्ययनों से सिद्ध हुआ है कि 20 मिनट की योग निद्रा मस्तिष्क में डोपामाइन के स्तर को 65% तक बढ़ा देती है। जब हम शरीर के एक-एक अंग पर ध्यान ले जाते हैं, तो मांसपेशियों की पुरानी से पुरानी जकड़न ढीली हो जाती है और शरीर का प्राकृतिक उपचार तंत्र सक्रिय हो जाता है।

योग निद्रा के 3 मुख्य चरण

  1. संकल्प: मन में एक छोटा और सकारात्मक संकल्प दोहराएं (जैसे: "मैं शांत और स्वस्थ हूँ")।
  2. अंगों की यात्रा: बिना हिले-डुले अपने ध्यान को शरीर के हर अंग—हाथ की उंगलियों, पंजों, सीने और माथे—पर तेज़ी से घुमाएं।
  3. जागृति: धीरे-धीरे हाथों और पैरों की उंगलियों को हिलाएं और एक नई ऊर्जा के साथ उठें।
संपादकीय एवं शैक्षणिक अस्वीकरण

क्रियास्य पल्स पर प्रकाशित सामग्री पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक शोध के समन्वय पर आधारित एक शैक्षणिक पहल है। पाठकों से अपेक्षा की जाती है कि वे व्यक्तिगत विवेक का प्रयोग करें।

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योग निद्रा प्रेरित विश्राम: 20 मिनट में गहरी शारीरिक व मानसिक ताजगी पाने की प्राचीन व वैज्ञानिक विधि

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