आधुनिक जीवनशैली में कंप्यूटर स्क्रीन के सामने घंटों बैठे रहने, मानसिक तनाव और शारीरिक निष्क्रियता के कारण कमर दर्द, गर्दन में जकड़न, साइटिका, अनिद्रा, चिंता और पाचन की समस्याएं आम हो गई हैं। प्राचीन योग चिकित्सा (Yoga Chikitsa) इन व्याधियों को केवल दबाती नहीं, बल्कि रीढ़ के संरेखण, तंत्रिका तंत्र की शांति और मांसपेशियों के लचीलेपन द्वारा इनका जड़ से निवारण करती है। क्रियास्य समस्या-वार योग चिकित्सा निर्देशिका प्रत्येक शारीरिक कष्ट के लिए सुरक्षित, वैज्ञानिक और समय-परीक्षित योगासनों का क्रम प्रस्तुत करती है।
प्रमुख समस्याओं हेतु योग उपचार
- कमर दर्द व साइटिका: मार्जरी-बितिलासन (कैट-काउ), भुजंगासन और मकरासन; रीढ़ की नसों के दबाव को तत्काल मुक्त करते हैं।
- तनाव व चिंता: बालासन (शिशुआसन), विपरीत करणी (पैरों को दीवार पर टिकाना) और भ्रामरी प्राणायाम।
- अनिद्रा: रात को सोने से पहले सुप्त बद्धकोणासन और चंद्र भेदी प्राणायाम।
- अपच व गैस: पवनमुक्तासन, वज्रासन और अर्ध मत्स्येंद्रासन।
अपनी समस्या के अनुसार योगासन खोजें
क्रियास्य योग चिकित्सा निर्देशिका द्वारा अपनी व्याधि का चयन करें और 15 मिनट के विशेष स्वास्थ्य क्रम का अभ्यास करें।
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