पुश-अप्स को अक्सर केवल एक साधारण कसरत समझा जाता है, लेकिन आधुनिक हृदय रोग विज्ञान (कार्डियोलॉजी) में इसे शरीर की कार्यात्मक ताकत और दीर्घायु का एक अचूक पैमाना माना गया है। हार्वर्ड विश्वविद्यालय द्वारा 10 वर्षों तक किए गए एक ऐतिहासिक अध्ययन में पाया गया कि जो पुरुष 40 या उससे अधिक लगातार पुश-अप्स लगा सकते थे, उनमें 10 से कम पुश-अप्स लगाने वालों की तुलना में दिल का दौरा पड़ने और हृदय रोगों का खतरा 96% कम था। पुश-अप टेस्ट कैलकुलेटर आपकी आयु और लिंग के अनुसार आपकी ऊपरी शारीरिक शक्ति, कोर स्टेबिलिटी और हृदय सहनशक्ति का सटीक विश्लेषण करता है।
पुश-अप के दौरान सक्रिय होने वाले अंग
- मुख्य मांसपेशियां: छाती की मांसपेशियां (पेक्टोरल), कंधे के अगले हिस्से (डेल्टॉइड्स) और बांहों के ट्राइसेप्स।
- कोर मांसपेशियां: पेट की मांसपेशियां और निचली पीठ शरीर को तख्ते (प्लैंक) की तरह सीधा रखती हैं।
- उठाया जाने वाला भार: जब आप एक मानक पुश-अप करते हैं, तो आप अपने कुल शारीरिक वजन का लगभग 64% भार अपने हाथों से ऊपर धकेलते हैं।
आयु के अनुसार मानक पुश-अप स्कोर (पुरुष एवं महिला)
| आयु वर्ग | पुरुष: उत्कृष्ट | पुरुष: औसत | महिला: उत्कृष्ट | महिला: औसत |
|---|---|---|---|---|
| 20 – 29 वर्ष | ≥ 36 रैप्स | 22 – 29 रैप्स | ≥ 30 रैप्स | 15 – 21 रैप्स |
| 30 – 39 वर्ष | ≥ 30 रैप्स | 17 – 24 रैप्स | ≥ 27 रैप्स | 13 – 19 रैप्स |
| 40 – 49 वर्ष | ≥ 25 रैप्स | 13 – 19 रैप्स | ≥ 24 रैप्स | 11 – 16 रैप्स |
| 50 – 59 वर्ष | ≥ 21 रैप्स | 10 – 15 रैप्स | ≥ 21 रैप्स | 8 – 12 रैप्स |
टेस्ट देने का सही तरीका
- हाथ कंधों की चौड़ाई पर रखें, शरीर एड़ी से सिर तक सीधा डंडे की तरह तना होना चाहिए (कूल्हे ऊपर या नीचे न लटकें)।
- छाती को जमीन से 2-3 इंच ऊपर तक नीचे लाएं, कोहनियों को 45 डिग्री के कोण पर रखें (कंधे के 90 डिग्री बाहर न फैलाएं)।
- ऊपर आते हुए कोहनियों को पूरा सीधा करें। बिना जमीन पर रुके जितने अधिकतम पुश-अप्स आप एक बार में लगा सकें, वही आपका स्कोर है।
क्रियास्य पल्स पर प्रकाशित सामग्री पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक शोध के समन्वय पर आधारित एक शैक्षणिक पहल है। पाठकों से अपेक्षा की जाती है कि वे व्यक्तिगत विवेक का प्रयोग करें।
