आधुनिक शहरी जीवन में पूर्ण शांति मिलना लगभग असंभव हो गया है। सड़कों पर गाड़ियों की आवाजें, भारी ट्रकों की गड़गड़ाहट, फ्लैट की पतली दीवारों के पार से आती पड़ोसियों की बातचीत और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सीटी हमारे मस्तिष्क को लगातार तनाव में रखती हैं। वहीं दूसरी ओर, जो लोग टिनिटस (Tinnitus - कान में लगातार सीटी, भिनभिनाहट या घंटी बजने का रोग) से पीड़ित हैं, उनके लिए पूर्ण सन्नाटा और भी भयानक बन जाता है; क्योंकि सन्नाटे में कान की वह सीटी और तेज सुनाई देने लगती है। ध्वनि विज्ञान में इसका सबसे अचूक समाधान 'साउंड मास्किंग' (Sound Masking) है। यह बाहरी शोर को रोकने के लिए कमरे में एक निरंतर, सुखद और सौम्य ध्वनि का आवरण बिछा देता है जिससे अचानक होने वाले शोर का अंतर मिट जाता है। क्रियास्य अनुकूलनशील ध्वनि आवरण एवं टिनिटस शमन स्टूडियो आपको बाहरी शोर से बचाने और टिनिटस की परेशानी को शांत करने के लिए वैज्ञानिक ध्वनि सुरक्षा प्रदान करता है।
ध्वनिक अंतर (Contrast) घटाने का विज्ञान और टिनिटस राहत
हमारा मस्तिष्क ध्वनि की उपस्थिति से नहीं, बल्कि ध्वनि में अचानक आने वाले बदलाव से चौंकता है। यदि कमरे में 30 dB का सन्नाटा है और बाहर अचानक 65 dB का हॉर्न बजता है, तो मस्तिष्क 35 dB के बड़े झटके से तुरंत जाग जाता है। परंतु यदि कमरे में पहले से ही 50 dB का सुखद गुलाबी या भूरा शोर चल रहा हो, तो वही हॉर्न केवल 15 dB का अंतर पैदा करता है, जिसे मस्तिष्क आसानी से नजरअंदाज कर देता है। टिनिटस के रोगियों के लिए भी यह तकनीक मस्तिष्क को सीटी की आवाज को भूलने का प्रशिक्षण देती है।
विभिन्न प्रकार के शोर और उनके लिए उपयुक्त ध्वनि आवरण
| शोर का स्रोत | आवृत्ति विशेषता (Frequency) | सटीक मास्किंग ध्वनि |
|---|---|---|
| कान में टिनिटस की सीटी | उच्च आवृत्ति वाली पतली सीटी (4 kHz - 8 kHz) | कोमल फव्वारे या बारिश की गुलाबी ध्वनि (सीटी की आवाज से हल्की धीमी)। |
| ट्रैफिक व भारी वाहनों की गड़गड़ाहट | गंभीर भारी कंपन व बास (40 Hz - 250 Hz) | गहरी भूरी ध्वनि (Brown Noise), समुद्र की भारी लहरें, बड़े झरने का शोर। |
| दीवार के पार बातचीत व टीवी का शोर | मानव आवाज की मध्य आवृत्तियां (500 Hz - 3 kHz) | मूसलाधार वर्षा की निरंतर आवाज, बहती हवा और प्राकृतिक ध्वनि आवरण। |
साउंड मास्किंग के उपयोग के 3 महत्वपूर्ण नियम
- टिनिटस का स्वर्णिम नियम: मास्किंग ध्वनि की आवाज को कभी भी अपने कान की सीटी से अधिक तेज न करें। मस्तिष्क को दोनों ध्वनियां एक साथ सुनाई देनी चाहिए ताकि वह धीरे-धीरे सीटी को नजरअंदाज करना सीख सके।
- स्पीकर की सही जगह: स्पीकर को खिड़की या मुख्य दरवाजे के पास रखें ताकि बाहर से आने वाला शोर कमरे में प्रवेश करते ही दब जाए।
- पूरी रात चालू रखें: रात में इसे लगातार चलने दें ताकि हल्की नींद के चरणों में बाहर की कोई अचानक आवाज आपकी नींद न तोड़ सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
साउंड मास्किंग और नॉइज़ कैंसिलेशन हेडफोन में क्या अंतर है?
नॉइज़ कैंसिलेशन हेडफोन विपरीत ध्वनि तरंगें बनाकर शोर को काटते हैं (जिसके लिए हेडफोन पहनना पड़ता है)। साउंड मास्किंग कमरे में एक सुखद ध्वनि फैलाकर पूरे कमरे के वातावरण को शांत बना देती है, जिसके लिए हेडफोन की आवश्यकता नहीं होती।
क्या साउंड मास्किंग से टिनिटस हमेशा के लिए ठीक हो सकता है?
यह कान की नस के नुकसान को ठीक नहीं करता, लेकिन यह मस्तिष्क को उस सीटी की आवाज को नजरअंदाज करने का प्रशिक्षण देता है, जिससे टिनिटस के कारण होने वाला तनाव, चिंता और अनिद्रा पूरी तरह समाप्त हो जाती है।
क्रियास्य पल्स पर प्रकाशित सामग्री पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक शोध के समन्वय पर आधारित एक शैक्षणिक पहल है। पाठकों से अपेक्षा की जाती है कि वे व्यक्तिगत विवेक का प्रयोग करें।
