आपकी सैलरी कितनी है, यह केवल यह बताता है कि आपके हाथों से कितना पैसा बह रहा है; परंतु आपकी नेट वर्थ (Net Worth) यह बताती है कि वास्तव में आपके पास कितना धन टिका हुआ है। कई लोग लाखों रुपये महीना कमाते हैं लेकिन भारी कर्जों (होम लोन, कार लोन, क्रेडिट कार्ड) के कारण उनकी वास्तविक नेट वर्थ शून्य या नकारात्मक होती है। एडवांस्ड नेट वर्थ कैलकुलेटर आपकी सभी संपत्तियों (बैंक बैलेंस, शेयर, म्यूचुअल फंड, रियल एस्टेट, सोना) और सभी देनदारियों का हिसाब लगाकर आपकी वास्तविक संपत्ति और वित्तीय सुदृढ़ता का सटीक दर्पण दिखाता है।
नेट वर्थ का बुनियादी अकाउंटिंग फॉर्मूला
नेट वर्थ सूत्र
नेट वर्थ = कुल संपत्तियां (Total Assets) - कुल देनदारियां (Total Liabilities)
सरल शब्दों में: यदि आप आज अपनी सारी संपत्तियां बेच दें और सारे कर्ज चुका दें, तो अंत में आपके हाथ में जो शुद्ध नकदी बचेगी, वही आपकी असली नेट वर्थ है।
संपत्तियों और देनदारियों का वर्गीकरण
| संपत्तियां (Assets - जो पैसा देती हैं) | देनदारियां (Liabilities - जो पैसा लेती हैं) |
|---|---|
| तरल नकदी: बचत खाता बैलेंस, एफडी, लिक्विड फंड्स। | क्रेडिट कार्ड बकाया: क्रेडिट कार्ड का कुल बकाया और पर्सनल लोन। |
| निवेश: शेयर, म्यूचुअल फंड (SIP), पीपीएफ, ईपीएफ, एनपीएस, सोना। | होम लोन: मकान या प्लॉट पर बचा हुआ कुल बैंक कर्ज। |
| रियल एस्टेट: खुद का घर और किराए की प्रॉपर्टी का बाजार मूल्य। | वाहन लोन: कार या बाइक का बचा हुआ लोन। |
वित्तीय संतुलन के 3 मुख्य अनुपात (Ratios)
- सॉल्वेंसी रेशियो (Solvency Ratio):
नेट वर्थ ÷ कुल संपत्तियां। यह कम से कम 0.50 (50%) होना चाहिए, जिसका अर्थ है कि आपकी 50% से अधिक संपत्ति कर्जमुक्त है। - कर्ज-संपत्ति अनुपात (Debt-to-Asset):
कुल कर्ज ÷ कुल संपत्ति। यह अनुपात 30% से कम होना सुरक्षित माना जाता है। - लिक्विडिटी कवरेज: आपके पास कम से कम 6 महीने के घर खर्च के बराबर तरल संपत्ति हमेशा होनी चाहिए।
नेट वर्थ से जुड़े सामान्य प्रश्न
क्या खुद के रहने वाले मकान को नेट वर्थ में जोड़ना चाहिए?
हाँ, अकाउंटिंग की दृष्टि से मकान का बाजार मूल्य संपत्ति में जुड़ेगा और उस पर बचा हुआ होम लोन देनदारी में घटेगा। हालांकि, रिटायरमेंट प्लानिंग करते समय इसे अलग रखा जाता है क्योंकि आप इसमें रहते हैं और दैनिक खर्चों के लिए इसे बेच नहीं सकते।
नेट वर्थ की गणना कितने समय में करनी चाहिए?
हर 3 महीने (त्रैमासिक) या 6 महीने में एक बार अपनी नेट वर्थ की गणना करना सबसे अच्छा रहता है। इससे आपको पता चलता है कि आपका धन किस गति से बढ़ रहा है और आप कर्ज से कितनी तेजी से मुक्त हो रहे हैं।
क्रियास्य पल्स पर प्रकाशित सामग्री पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक शोध के समन्वय पर आधारित एक शैक्षणिक पहल है। पाठकों से अपेक्षा की जाती है कि वे व्यक्तिगत विवेक का प्रयोग करें।
