मूड विकार केवल मानसिक कारणों से ही नहीं होते; कई बार वे मौसम में बदलाव (Seasonal Affective Disorder - SAD), दवाइयों के दुष्प्रभावों या शारीरिक बीमारियों (जैसे थायरॉयड विकार) के कारण उत्पन्न होते हैं। जब सर्दियों में धूप कम होती है, तो मस्तिष्क के मेलाटोनिन और सेरोटोनिन का संतुलन बिगड़ जाता है जिससे व्यक्ति को अत्यधिक नींद आना, मीठा खाने की तलब और गहरी सुस्ती महसूस होती है। इसके अलावा स्टेरॉयड दवाइयां या थायरॉयड का असंतुलन भी गंभीर अवसाद या उत्तेजना पैदा कर सकता है। मौसमी, चिकित्सीय और दवा-प्रेरित मूड विकार मनोशिक्षा मॉड्यूल 19 पाठों में शारीरिक कारणों से जुड़े मूड विकारों और ब्राइट लाइट थेरेपी का वैज्ञानिक विवरण देता है।
⚖️ स्वास्थ्य व विधिक सुरक्षा अस्वीकरण
यह डिजिटल स्व-सहायता अभ्यास और मार्गदर्शिका केवल सामान्य मानसिक स्वास्थ्य, शिक्षा और व्यक्तिगत आत्म-जागरूकता के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह, नैदानिक मनोवैज्ञानिक परीक्षण, मनोचिकित्सा या डॉक्टर-मरीज संबंध का विकल्प नहीं है। यदि किसी भी शारीरिक या श्वास अभ्यास से आपको बेचैनी अथवा मानसिक तनाव महसूस हो, तो तुरंत रुकें और योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लें।
आपातकालीन संकट सहायता: यदि आप किसी तीव्र मानसिक संकट या आत्म-नुकसान के विचारों का सामना कर रहे हैं, तो कृपया तुरंत आधिकारिक आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करें: टेली-मानस (Tele-MANAS) (14416 / 1800-891-4416), किरण (KIRAN) राष्ट्रीय हेल्पलाइन (1800-599-0019, 24×7), अथवा राष्ट्रीय आपातकाल नंबर (112)।
मौसमी अवसाद और ब्राइट लाइट थेरेपी (10,000 Lux)
सर्दियों में होने वाले अवसाद के लिए सुबह उठते ही 10,000 लक्स की विशेष लाइट बॉक्स के सामने 30 मिनट बैठना सबसे प्रभावी उपचार माना जाता है, जिससे मस्तिष्क की जैविक घड़ी रीसेट हो जाती है।
शारीरिक जांच और दवाइयों के दुष्प्रभाव
अवसाद या घबराहट का इलाज शुरू करने से पहले थायरॉयड (TSH), विटामिन बी12 और विटामिन डी की जांच कराना आवश्यक है, ताकि किसी शारीरिक बीमारी को सामान्य डिप्रेशन न समझ लिया जाए।
