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स्कूली बच्चों में आत्मविश्वास निर्माण (Confidence Building) सत्र: हीन भावना से मुक्ति और नया हौसला

स्कूली बच्चों में झिझक, डर और हीन भावना को दूर कर आत्मविश्वास व आत्मनिर्भरता जगाने के लिए 9-चरणीय पैरेंट-असिस्टेड स्व-परामर्श सत्र।

English Edition Read in Hindi
By Kriyasya Companion 2 min read Updated October 24, 2026

स्कूली बच्चों में आत्मविश्वास की कमी (Low Confidence in School Children) उनकी प्रतिभा और भविष्य को सीमित कर देती है। कक्षा में हाथ उठाने से डरना, दोस्तों के सामने बोलने में झिझकना, जरा सी गलती होने पर रो पड़ना या 'मैं यह कभी नहीं कर पाऊँगा' कहकर हार मान लेना आत्मविश्वास की कमी के स्पष्ट संकेत हैं। बाल मनोविज्ञान और अल्बर्ट बंडूरा के सेल्फ-एफिकेसी (Self-Efficacy) सिद्धांत के अनुसार, बच्चों में आत्मविश्वास कोई जन्मजात गुण नहीं होता, बल्कि यह उनके छोटे-छोटे अनुभवों और माता-पिता के प्रोत्साहन से बनता है। जब माता-पिता बच्चे की तुलना दूसरे बच्चों से करते हैं या केवल नंबरों के आधार पर उसकी तारीफ करते हैं, तो बच्चे के मन में असफलता का गहरा डर बैठ जाता है। उसे लगता है कि अगर उसने कोई गलती की, तो माता-पिता का प्यार कम हो जाएगा। स्कूली बच्चों में आत्मविश्वास निर्माण (Confidence Building) सत्र एक 13-मिनट का 9-चरणीय मनोवैज्ञानिक-निर्देशित वीडियो सत्र है, जो बच्चों के मन से गलतियों का डर मिटाने, अपनी मेहनत पर भरोसा करने और हर चुनौती का निडरता से सामना करने की शक्ति देता है।

नतीजे की नहीं, बच्चे की मेहनत की तारीफ करें

जब आप बच्चे से यह कहते हैं कि 'तुम बहुत बुद्धिमान हो', तो बच्चा मुश्किल काम करने से डरने लगता है कि कहीं वह फेल न हो जाए। लेकिन जब आप कहते हैं कि 'मुझे तुम्हारी मेहनत और कोशिश बहुत पसंद आई', तो बच्चा जानता है कि गलती होने पर भी उसकी कद्र कम नहीं होगी। यही सोच बच्चे को जीवनभर के लिए निडर बनाती है।

सत्र की 9-चरणीय बाल आत्मविश्वास यात्रा

यह सत्र बच्चों को 'साहस का डिब्बा' (Courage Jar) बनाना सिखाता है, गलतियों को दिमाग के विकास की सीढ़ी समझना सिखाता है और कक्षा में पूरे आत्मविश्वास से बोलने का तरीका देता है।

संपादकीय एवं शैक्षणिक अस्वीकरण

क्रियास्य पल्स पर प्रकाशित सामग्री पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक शोध के समन्वय पर आधारित एक शैक्षणिक पहल है। पाठकों से अपेक्षा की जाती है कि वे व्यक्तिगत विवेक का प्रयोग करें।

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स्कूली बच्चों में झिझक, डर और हीन भावना को दूर कर आत्मविश्वास व आत्मनिर्भरता जगाने के लिए 9-चरणीय पैरेंट-असिस्टेड स्व-परामर्श सत्र।

स्कूली बच्चों में आत्मविश्वास निर्माण (Confidence Building) सत्र: हीन भावना से मुक्ति और नया हौसला

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