मानव जीवन चार पुरुषार्थों — धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष — का एक दिव्य समन्वय है। जब कोई जातक अपने जीवन के प्रत्येक आयाम (स्वास्थ्य, आजीविका, विवाह, संतान, धन और आत्मिक उत्थान) को गहराई से समझना चाहता है, तो उसे जन्म कुंडली के सभी 12 भावों, नवमांश (D9), 120-वर्षीय विंशोत्तरी महादशा और ग्रहों के विशिष्ट राजयोगों का समग्र अध्ययन करना होता है। क्रियास्य संपूर्ण जीवन कुंडली रिपोर्ट प्राचीन पराशरी और जैमिनी सिद्धांतों पर आधारित एक प्रामाणिक महा-ग्रंथ स्वरूप विश्लेषण प्रस्तुत करती है।
कुंडली के 12 भावों का समग्र विश्लेषण
यह रिपोर्ट लग्न से लेकर मोक्ष भाव (द्वादश भाव) तक के प्रत्येक क्षेत्र का प्रामाणिक अध्ययन करती है: प्रथम भाव (स्वास्थ्य), द्वितीय (धन), तृतीय (पराक्रम), चतुर्थ (सुख व भूमि), पंचम (बुद्धि व संतान), षष्ठ (शत्रु व रोग), सप्तम (विवाह व साझेदारी), अष्टम (आयु व गूढ़ ज्ञान), नवम (भाग्य व धर्म), दशम (आजीविका), एकादश (लाभ) और द्वादश (मोक्ष व विदेश)।
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