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Astrology

अमला योग: दसवें भाव में शुभ : विवाह, दांपत्य व रिश्ते

अमला योग: दसवें भाव में शुभ ग्रह, निष्कलंक यश और राजपद के प्रभाव से वैवाहिक जीवन, आपसी समझ और पारिवारिक रिश्तों में मधुरता बनाए रखने के नियम जानिए। क्रि...

English Edition Read in Hindi
By Kriyasya Companion 3 min read Updated October 29, 2026

संक्षिप्त मुख्य बिंदु (अमला योग नियम): लग्न या चंद्रमा से दसवें भाव (कर्म स्थान) में केवल शुभ ग्रह (गुरु, शुक्र या शुभ बुध) का बैठना; जो इंसान को निष्कलंक चरित्र, समाज में पूजनीय स्थान और बड़ा राजपद देता है। महर्षि पाराशर और शास्त्रीय ग्रंथों के अनुसार, इस प्रभाव को शुभ बनाने के लिए शुभ ग्रह (गुरु, शुक्र, बुध - निष्कलंक यश, सदाचार और प्रशासनिक सम्मान) का सम्मान करें, साफ-सुथरे कपड़े पहनना, सादा सात्विक भोजन करना, और रोज शाम को कुछ समय शांत बैठकर आत्मचिंतन करना का पालन करें और गुरुवार या बुधवार को भगवान विष्णु के सहस्त्रनाम का पाठ करना जो यश और सम्मान को हमेशा सुरक्षित रखता है जैसे आसान व प्रामाणिक उपाय अपनाएं।

दांपत्य और संबंध: सातवें भाव का प्रभाव, आपसी समझ और घर में शांति बनाए रखने के उपाय

वैदिक ज्योतिष में अमला योग: दसवें भाव में शुभ ग्रह, निष्कलंक यश और राजपद का संबंध शुभ ग्रह (गुरु, शुक्र, बुध - निष्कलंक यश, सदाचार और प्रशासनिक सम्मान) से माना गया है। यदि हम इसके सही अर्थ और समय को समझ लें, तो किसी भी कठिन समय या ग्रह के प्रभाव को शांति, धैर्य और सकारात्मक कर्म में बदला जा सकता है।

पहलूशुभ स्थितिकठिन स्थितिशास्त्रीय उपाय
ग्रह का प्रभावपूरी ईमानदारी से काम करना, जनता की भलाई के निर्णय लेना, मीठी वाणी बोलना और अपने मातहतों की मदद करनारिश्वत या गलत कमीशन लेना, दफ्तर में पक्षपात करना और अपने से पहले काम करने वालों की बुराई करनामंदिर में सफेद चंदन या कपूर का दान करना और अपने पैसों व संपत्ति का हिसाब-किताब हमेशा पारदर्शी रखना
कर्म व सोचधैर्य, मेहनत, बड़ों का सम्मान और मानसिक शांतिजल्दबाजी, गुस्सा, डर और बिना बात का तनावनियमित दिनचर्या और बड़ों की सेवा
स्वास्थ्य व ऊर्जास्फूर्ति, अच्छी नींद और शांत मनथकान, कमर व जोड़ों में दर्द, बेचैनीतिल के तेल की मालिश व शांत वातावरण
सेवा व दानजरूरतमंदों और बेजुबान पशु-पक्षियों की सेवाअहंकार, छोटे कर्मचारियों से कटु व्यवहारगुरुवार या बुधवार को भगवान विष्णु के सहस्त्रनाम का पाठ करना जो यश और सम्मान को हमेशा सुरक्षित रखता है

प्रामाणिक शास्त्रों का वचन (Brihat Parashara Hora Shastra & Phaladeepika)

प्राचीन प्रमाणिक ग्रंथ Brihat Parashara Hora Shastra & Phaladeepika में इस योग और ग्रह प्रभाव का सुंदर वर्णन मिलता है:

"लग्नाच्चन्द्राच्च दशमे सौम्यग्रहेऽमलाह्वयः। नृपो वा नृपमन्त्री वा ख्यातो भुवि भविष्यति॥"

— Brihat Parashara Hora Shastra & Phaladeepika

सरल हिंदी अर्थ: When a pure benefic planet occupies the tenth house from the Ascendant or Moon, it is called Amala Yoga; the native becomes a ruler, prime minister, or world-renowned luminary.

अमला का अर्थ है बिना किसी मैल के बिल्कुल साफ। जब कोई अधिकारी या व्यापारी पूरी ईमानदारी से काम करता है, तो जनता और सरकार दोनों उसकी बात पर आंख मूंदकर भरोसा करते हैं।

ग्रह शांति के लिए 5 आसान दैनिक नियम

  1. सुबह का नियम: सुबह जल्दी उठकर माता-पिता और कुल के पितरों का स्मरण करें और सूर्य देव को प्रणाम करें।
  2. मंत्र का जाप: प्रतिदिन शांत मन से 10 मिनट अपने इष्ट देव या ग्रह के बीज मंत्र का जाप करें।
  3. सात्विक खान-पान: सादा और ताजा भोजन लें; काम के बदले अनुचित उपहार लेना, सरकारी या दफ्तर की संपत्ति का निजी इस्तेमाल करना, और अहंकार दिखाना जैसी चीजों से पूरी तरह परहेज रखें।
  4. सेवा और दयाभाव: साफ-सुथरे कपड़े पहनना, सादा सात्विक भोजन करना, और रोज शाम को कुछ समय शांत बैठकर आत्मचिंतन करना का पालन करें और अपने घर व दफ्तर के कामगारों से प्यार से बात करें।
  5. शाम की पूजा: शाम के समय पूजा स्थान पर घी या तिल के तेल का दीपक जलाएं और दिनभर के कामों का शांत मन से चिंतन करें।

बिना खर्च के सिद्ध और सरल उपाय

मुख्य उपाय: गुरुवार को विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें; मंदिर में कपूर दान करें; काम में 100% ईमानदारी रखें; और जनता के विश्वास को कभी न तोड़ें।

सच्चा ज्योतिष कभी महंगे रत्नों का बोझ नहीं डालता। आपकी सच्ची मेहनत, माता-पिता का आशीर्वाद और बेजुबान जीवों की सेवा ही ग्रहों की सबसे बड़ी और स्थायी शांति है।

अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

अमला योग का शाब्दिक अर्थ क्या है और यह इतना शुभ क्यों है?

'अमला' का अर्थ है बिल्कुल साफ, बिना किसी दाग का; यह योग व्यक्ति के करियर को किसी भी प्रकार के कलंक, घोटाले या बदनामी से सुरक्षित रखता है।

अमला योग अन्य राजयोगों से कैसे अलग माना जाता है?

मंगल या सूर्य जहां ताकत और दबदबे से राज कराते हैं, वहीं अमला योग में लोग अपनी मर्जी से आपका सम्मान करते हैं और आपकी बात मानते हैं।

क्या साधारण नौकरी करने वाले की कुंडली में भी यह योग हो सकता है?

बिल्कुल; ऐसा कर्मचारी अपनी कंपनी का सबसे भरोसेमंद व्यक्ति बनता है और बिना किसी चापलूसी के अपनी ईमानदारी के दम पर बड़े पद तक पहुंचता है।

वैदिक ज्योतिष एवं मार्गदर्शन अस्वीकरण

क्रियास्य पर प्रस्तुत वैदिक ज्योतिष, अंकशास्त्र एवं ग्रह-नक्षत्र अंतर्दृष्टि प्राचीन भारतीय ग्रंथों और दर्शन पर आधारित हैं तथा केवल आध्यात्मिक चिंतन, आत्म-बोध एवं सांस्कृतिक अध्ययन के उद्देश्य से हैं। इन्हें किसी भी कानूनी, वित्तीय, मनोवैज्ञानिक या चिकित्सीय पेशेवर परामर्श का विकल्प न माना जाए।

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