Skip to main content
Tools

स्वास्थ्य चिंता: सोमैटोसेंसरी प्रवर्धन, साइबरकॉन्ड्रिया और सीबीटी समाधान

स्वास्थ्य चिंता के संज्ञानात्मक कारण, बार-बार मेडिकल जांच कराने की मजबूरी और रिस्पॉन्स प्रिवेंशन पर 20 वीडियो पाठ।

हिन्दी संस्करण Read in English →
लेखक: Kriyasya Companion 2 मिनट का पाठ अपडेट: October 23, 2026

स्वास्थ्य चिंता (Health Anxiety या इलनेस एंग्जायटी डिसऑर्डर) किसी गंभीर, अनजानी और घातक बीमारी के होने या होने की आशंका से जुड़ा निरंतर डर है, भले ही सभी मेडिकल जांचें सामान्य क्यों न हों। पॉल सल्कोवस्किस के संज्ञानात्मक मॉडल (1986) के अनुसार, यह समस्या सोमैटोसेंसरी प्रवर्धन (somatosensory amplification) से उत्पन्न होती है—जहां व्यक्ति शरीर की स्वाभाविक संवेदनाओं (जैसे मांसपेशियों का फड़कना, सामान्य सिरदर्द, हल्की धड़कन) को कैंसर, हार्ट अटैक या किसी लाइलाज बीमारी का संकेत मान बैठता है। स्वास्थ्य चिंता मनोशिक्षा मॉड्यूल 20 व्यवस्थित पाठों में इस भ्रामक चक्र और रीएश्योरेंस सीकिंग से मुक्ति का मार्ग दिखाता है।

साइबरकॉन्ड्रिया और रीएश्योरेंस का विरोधाभास

स्वास्थ्य चिंता में व्यक्ति इंटरनेट पर लक्षणों को खोजने (cyberchondria) या बार-बार डॉक्टरों से तसल्ली पाने का प्रयास करता है। डॉक्टर की रिपोर्ट सामान्य आने पर कुछ घंटों के लिए राहत तो मिलती है, लेकिन जल्द ही नया संदेह जन्म ले लेता है: "कहीं डॉक्टर से कुछ छूट तो नहीं गया?" इस प्रकार यह चक्र कभी समाप्त नहीं होता।

शारीरिक संवेदनाओं की सामान्य व्याख्या

सीबीटी थेरेपी व्यक्ति को बार-बार नब्ज जांचने, इंटरनेट सर्च करने और डॉक्टरों के चक्कर लगाने की आदत (safety behaviours) को रोकने का अभ्यास कराती है, जिससे व्यक्ति शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली को स्वीकार करना सीखता है।

Share This Insight Tools

स्वास्थ्य चिंता के संज्ञानात्मक कारण, बार-बार मेडिकल जांच कराने की मजबूरी और रिस्पॉन्स प्रिवेंशन पर 20 वीडियो पाठ।

स्वास्थ्य चिंता: सोमैटोसेंसरी प्रवर्धन, साइबरकॉन्ड्रिया और सीबीटी समाधान

Share to WhatsApp Post