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GST / VAT कैलकुलेटर: इनक्लूसिव व एक्सक्लूसिव टैक्स फॉर्मूला एवं CGST/SGST स्प्लिट

जीएसटी जोड़ने और कुल बिल में से टैक्स अलग निकालने का सटीक गणित, अंतर-राज्यीय IGST नियम, 3% से 28% स्लैब और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) की संपूर्ण जानकारी।

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लेखक: Kriyasya Companion 3 मिनट का पाठ अपडेट: October 24, 2026

वस्तु एवं सेवा कर (GST) भारत की एकल, व्यापक और अप्रत्यक्ष कर प्रणाली है जिसने देश के सभी पुराने सेल्स टैक्स, वैट और सर्विस टैक्स को समाहित कर लिया है। किसी भी व्यापार या बिलिंग में यह समझना अनिवार्य है कि इनवॉइस में टैक्स जोड़ना है (Exclusive) या कुल कीमत में से टैक्स अलग निकालना है (Inclusive)। GST / VAT कैलकुलेटर सभी भारतीय जीएसटी स्लैब (3%, 5%, 12%, 18%, 28%), अंतर-राज्यीय IGST और राज्य के भीतर CGST+SGST के 50-50 विभाजन की सटीक गणना करता है।

जीएसटी जोड़ने और हटाने के सटीक गणितीय नियम

1. टैक्स जोड़ना (GST Exclusive to Total)

टैक्स जोड़ने का सूत्र

GST राशि = (मूल कीमत × GST दर) / 100 कुल बिल राशि = मूल कीमत + GST राशि

उदाहरण: ₹10,000 की सेवा पर 18% GST लगाने पर: टैक्स = ₹1,800 और कुल बिल = ₹11,800 होगा।

2. कुल कीमत में से टैक्स अलग निकालना (GST Inclusive to Base)

यदि एमआरपी या बिल में टैक्स पहले से शामिल है, तो मूल कीमत निकालने के लिए रिवर्स फॉर्मूला लगाया जाता है:

रिवर्स टैक्स निकालने का सूत्र

शुद्ध मूल कीमत = (कुल राशि × 100) / (100 + GST दर) GST का हिस्सा = कुल राशि - शुद्ध मूल कीमत

नोट: ₹1,180 में से सीधे 18% घटाना गलत है। सही फॉर्मूले से: (1,180 × 100) / 118 = ₹1,000 मूल कीमत और ₹180 टैक्स निकलेगा।

CGST, SGST और IGST में क्या अंतर है?

कर का प्रकार कहाँ लागू होता है? बंटवारे का नियम
CGST + SGST जब खरीदार और विक्रेता एक ही राज्य में हों (Intra-state)। टैक्स बराबर 50/50 बंटता है: 9% केंद्र सरकार को (CGST) और 9% राज्य सरकार को (SGST)।
IGST जब माल या सेवा दो अलग राज्यों के बीच बेची जाए (Inter-state)। पूरा 18% टैक्स एकीकृत जीएसटी (IGST) के रूप में केंद्र द्वारा वसूला जाता है।

जीएसटी से जुड़े सामान्य प्रश्न

इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्या है और इससे क्या लाभ होता है?

जब आप अपने व्यापार के लिए कोई सामान या सेवा खरीदते हैं और उस पर जीएसटी देते हैं, तो वह आपका 'इनपुट टैक्स' कहलाता है। अपनी बिक्री पर ग्राहकों से वसूले गए जीएसटी में से इस इनपुट टैक्स को घटाया जा सकता है। इससे टैक्स पर टैक्स नहीं लगता और केवल शुद्ध वैल्यू एडिशन पर ही टैक्स देना होता है।

सोने और आभूषणों पर जीएसटी की दर क्या है?

भारत में सोने, चांदी और कीमती धातुओं के आभूषणों पर विशेष 3% की जीएसटी दर लागू होती है, जो धातु के मूल्य और मेकिंग चार्ज दोनों के कुल जोड़ पर लगाई जाती है।

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जीएसटी जोड़ने और कुल बिल में से टैक्स अलग निकालने का सटीक गणित, अंतर-राज्यीय IGST नियम, 3% से 28% स्लैब और इनपुट…

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