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फिक्स्ड डिपॉजिट कैलकुलेटर: बैंक एफडी मैच्योरिटी, त्रैमासिक चक्रवृद्धि एवं टीडीएस नियम

बैंक एफडी पर त्रैमासिक चक्रवृद्धि ब्याज की गणना करें, संचयी व पेआउट विकल्पों की तुलना करें, वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाले लाभ और टीडीएस नियम समझें।

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लेखक: Kriyasya Companion 3 मिनट का पाठ अपडेट: October 24, 2026

फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) भारत में पूंजी सुरक्षा और निश्चित रिटर्न का सबसे लोकप्रिय माध्यम है। शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर रहकर गारंटीड आय प्राप्त करने के लिए करोड़ों भारतीय नागरिक बैंक एफडी पर भरोसा करते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार बैंक एफडी पर ब्याज की गणना त्रैमासिक चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding) आधार पर होती है। फिक्स्ड डिपॉजिट कैलकुलेटर संचयी (Cumulative) और गैर-संचयी (Non-Cumulative) विकल्पों, वरिष्ठ नागरिकों के लिए अतिरिक्त ब्याज (+0.50%) और टीडीएस (TDS) कटौती की सटीक गणना प्रस्तुत करता है।

बैंक एफडी में त्रैमासिक चक्रवृद्धि का गणितीय सूत्र

त्रैमासिक चक्रवृद्धि एफडी फॉर्मूला

A = P × (1 + r / 400)^(4 × t)

जहाँ:

  • A: मैच्योरिटी पर मिलने वाली कुल राशि।
  • P: कुल जमा मूलधन।
  • r: वार्षिक ब्याज दर प्रतिशत (जैसे 7.5%)।
  • t: समय अवधि (वर्षों में)।

संचयी (Cumulative) बनाम गैर-संचयी (Non-Cumulative) एफडी

विशेषता संचयी एफडी (Cumulative) गैर-संचयी एफडी (Non-Cumulative)
ब्याज भुगतान ब्याज हर 3 महीने में मूलधन में जुड़ता रहता है और मैच्योरिटी पर एकमुश्त मिलता है। ब्याज हर महीने या हर तिमाही ग्राहक के बैंक खाते में भेज दिया जाता है।
कंपाउंडिंग का लाभ पूरा चक्रवृद्धि लाभ मिलता है, जिससे कुल रिटर्न अधिक होता है। ब्याज निकाल लेने के कारण ब्याज पर ब्याज नहीं मिलता।
किसके लिए उपयुक्त? लंबी अवधि की बचत और पूंजी निर्माण के लिए सर्वोत्तम। मासिक पेंशन या नियमित आय चाहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए।

टीडीएस (TDS) और इनकम टैक्स के नियम (Section 194A)

  • सामान्य नागरिकों के लिए टीडीएस सीमा: एक वित्त वर्ष में एक बैंक से कुल ब्याज ₹40,000 से अधिक होने पर बैंक 10% टीडीएस काटता है।
  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए सीमा: धारा 80TTB के तहत ₹50,000 तक का ब्याज पूरी तरह टैक्स फ्री है और टीडीएस सीमा भी ₹50,000 है।
  • फॉर्म 15G / 15H: यदि आपकी कुल वार्षिक आय टैक्स छूट सीमा से कम है, तो टीडीएस कटने से बचाने के लिए बैंक में फॉर्म 15G (वरिष्ठ नागरिकों के लिए फॉर्म 15H) जमा किया जा सकता है।
  • 5-वर्षीय टैक्स सेवर एफडी: धारा 80C के तहत 5 साल की लॉक-इन वाली एफडी में ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट मिलती है।

फिक्स्ड डिपॉजिट से जुड़े सामान्य प्रश्न

वरिष्ठ नागरिकों को एफडी पर कितना अतिरिक्त ब्याज मिलता है?

भारतीय बैंक 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ब्याज दर से 0.50% (आधा प्रतिशत) अधिक ब्याज देते हैं। कुछ बैंक 80 वर्ष से अधिक के अति-वरिष्ठ नागरिकों को 0.75% से 0.80% तक अतिरिक्त ब्याज भी देते हैं।

समय से पहले एफडी तोड़ने पर क्या पेनाल्टी लगती है?

समय से पहले एफडी बंद करने पर बैंक सामान्यतः 0.50% से 1% तक की ब्याज पेनाल्टी लगाते हैं। 5 साल की टैक्स सेवर एफडी को 5 साल पूरे होने से पहले किसी भी स्थिति में तोड़ा नहीं जा सकता।

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बैंक एफडी पर त्रैमासिक चक्रवृद्धि ब्याज की गणना करें, संचयी व पेआउट विकल्पों की तुलना करें, वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाले लाभ…

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