Skip to main content
Commercial Vastu

कॉन्फ्रेंस रूम वास्तु: विश्वकर्मा वास्तु शास्त्र नियम

विश्वकर्मा प्रकाश और मयमतम जैसे प्राचीन ग्रंथों में वर्णित कॉन्फ्रेंस रूम वास्तु के शास्त्रीय सूत्र और वैज्ञानिक रहस्य जानिए। पढ़िए क्रियास्य पर।

हिन्दी संस्करण Read in English →
लेखक: Kriyasya Companion 3 मिनट का पाठ अपडेट: October 28, 2026

वास्तु शास्त्र के अनुसार कॉन्फ्रेंस रूम और बोर्डरूम: मीटिंग टेबल और दिशा के वास्तु नियम किसी भी दुकान, ऑफिस या फैक्ट्री की सफलता, बिक्री और मुनाफे की रीढ़ होता है। प्राचीन ग्रंथों में स्पष्ट कहा गया है कि यदि कार्यक्षेत्र की दिशाएं और पंचतत्व (अग्नि, जल, वायु, पृथ्वी, आकाश) संतुलित न हों, तो कड़ी मेहनत के बाद भी धन हाथ में नहीं टिकता और व्यापार में रुकावटें आती हैं।

प्राचीन वास्तु ग्रंथों के प्रामाणिक सूत्र: मयमतम और समरांगण सूत्रधार के अनुसार ऊर्जा का वास्तविक विज्ञान

कॉन्फ्रेंस रूम कंपनी का रणनीतिक दिमाग है। यहां सही दिशा में बैठकर चर्चा करने से आपसी कलह नहीं होती, नए विचारों का स्वागत होता है और बड़े सौदे बिना किसी अड़चन के तय होते हैं। पूज्य ग्रंथ Vishwakarma Prakash Sabha Griha Nirupana & Manasara में व्यावसायिक निर्माण और लेआउट के अचूक नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करने से व्यापार में अप्रत्याशित तरक्की मिलती है।

व्यावसायिक पहलूशास्त्र सम्मत नियमव्यापार पर सीधा असर
मुख्य दिशा व तत्वकॉन्फ्रेंस रूम उत्तर, पूर्व या वायव्य में हो; मीटिंग प्रमुख या चेयरपर्सन दक्षिण-पश्चिम में पूर्व की ओर मुंह करके बैठेव्यापार में स्थिरता, सही निर्णय और ग्राहकों का विश्वास बढ़ता है।
प्रामाणिक ग्रंथVishwakarma Prakash Sabha Griha Nirupana & Manasaraदुकान और ऑफिस के लिए शास्त्रों द्वारा प्रमाणित नियम।
दीवारों के शुभ रंगहल्का बेज, शांत बादामी, सफेद या हल्के भूरे रंग का लकड़ी का फर्नीचर; दीवारों पर भड़काऊ लाल रंग बिल्कुल न लगाएंकर्मचारियों में ऊर्जा और ग्राहकों में सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
रखने की शुभ चीजेंचौकोर या हल्की गोलाई वाली आयताकार मेज, पूर्व या उत्तर की दीवार पर प्रेजेंटेशन स्क्रीन या व्हाइटबोर्डधन की तिजोरी सुरक्षित रहती है और रुका हुआ पैसा लौटता है।
भूलकर भी न करेंतिकोनी या नुकीले कोनों वाली टेबल, टूटी हुई कुर्सियां, और कमरे के बीचों-बीच सिर पर भारी बीम होनाअचानक होने वाले बड़े नुकसान और कर्जों से बचाव होता है।

प्रामाणिक संस्कृत श्लोक एवं सरल हिंदी अर्थ

विश्वकर्मा प्रकाश और समरांगण सूत्रधार जैसे महान ग्रंथों में कार्यक्षेत्र की दिशाओं का स्पष्ट वर्णन है। Vishwakarma Prakash Sabha Griha Nirupana & Manasara का यह पावन श्लोक विशेष मार्गदर्शक है:

॥ सभास्थानं विधातव्यं सौम्ये वा पूर्वतस्तथा। अध्यक्षः पश्चिमे तिष्ठेत् पश्यन् प्राचीं सुखप्रदाम्॥ ॥

सरल हिंदी अर्थ: "The council assembly hall should be situated in the North or the East; the presiding leader must take position in the West or Southwest, gazing towards the auspicious East to secure harmonious victory."

दुकान व ऑफिस सुधार के आसान नियम और बिना तोड़फोड़ के उपाय

मीटिंग के हेड को हमेशा दक्षिण-पश्चिम कोने वाली कुर्सी पर बैठाएं, प्रेजेंटेशन स्क्रीन उत्तर या पूर्व दीवार पर लगाएं और मेज हमेशा आयताकार (रेक्टैंगल) रखें।

  • दिशा की सही जांच: मोबाइल कंपास के बजाय साधारण चुंबकीय दिशा-सूचक (कंपास) से सही दिशा नापें ताकि लोहे से दिशा गलत न दिखे।
  • वजन का संतुलन: दक्षिण और पश्चिम दिशा को हमेशा भारी रखें, जबकि उत्तर और पूर्व दिशा को हल्का, खुला और साफ-सुथरा रखें।
  • रंगों का संतुलन: जिस दिशा में जो तत्व कमजोर हो, वहां उस तत्व का रंग या धातु की पट्टी फर्श में लगाकर वास्तु दोष दूर करें।
  • पिरामिड व स्वास्तिक: गलत दिशा में बने टॉयलेट, सीढ़ी या मुख्य द्वार पर तांबे का स्वास्तिक और पिरामिड लगाकर दोष शांत करें।

व्यापार में मिलने वाले चमत्कारी परिणाम और लाभ

इन नियमों को लागू करने के बाद कार्यक्षेत्र में ये सकारात्मक बदलाव स्पष्ट दिखाई देते हैं: मीटिंग में बिना विवाद के सही निर्णय होना, बड़े निवेशकों और ग्राहकों के साथ सौदे फाइनल होना, और टीम के बीच शानदार तालमेल।

व्यावसायिक वास्तु से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर

कॉन्फ्रेंस रूम की टेबल तिकोनी या नुकीली क्यों नहीं होनी चाहिए?

नुकीले कोनों वाली मेज नकारात्मक ऊर्जा छोड़ती है, जिससे मीटिंग में शांत चर्चा की जगह एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप और बहस होने लगती है।

प्रेजेंटेशन स्क्रीन और व्हाइटबोर्ड किस दीवार पर लगाना चाहिए?

स्क्रीन को हमेशा उत्तर या पूर्व दीवार पर लगाएं; इससे सभी सदस्यों का ध्यान केंद्रित रहता है और योजनाएं आसानी से समझ आती हैं।

यदि मीटिंग रूम आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व) में बन जाए तो क्या समस्या आती है?

आग्नेय कोण अग्नि का स्थान है; यहां मीटिंग करने से लोगों का गुस्सा भड़कता है और छोटी-छोटी बातों पर पार्टनरशिप या डील टूट जाती है।

Share This Insight Commercial Vastu

विश्वकर्मा प्रकाश और मयमतम जैसे प्राचीन ग्रंथों में वर्णित कॉन्फ्रेंस रूम वास्तु के शास्त्रीय सूत्र और वैज्ञानिक रहस्य जानिए। पढ़िए क्रियास्य पर।

कॉन्फ्रेंस रूम वास्तु: विश्वकर्मा वास्तु शास्त्र नियम

Share to WhatsApp Post