भगवान बुद्ध द्वारा प्रतिपादित विपश्यना ध्यान परंपरा में मन की शांति और समता (समभाव) प्राप्त करने का मूल मंत्र शरीर की संवेदनाओं का तटस्थ अवलोकन है। शरीर में होने वाली किसी भी हलचल—जैसे खुजली, गर्मी, ठंडापन या खिंचाव—पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय उसे केवल साक्षी भाव से देखना यह सिखाता है कि कोई भी अनुभूति स्थायी नहीं है। शारीरिक संवेदना अवलोकन ध्यान टूल आपको इस आंतरिक समभाव का अभ्यास कराता है।
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यह डिजिटल स्व-सहायता अभ्यास और मार्गदर्शिका केवल सामान्य मानसिक स्वास्थ्य, शिक्षा और व्यक्तिगत आत्म-जागरूकता के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह, नैदानिक मनोवैज्ञानिक परीक्षण, मनोचिकित्सा या डॉक्टर-मरीज संबंध का विकल्प नहीं है। यदि किसी भी शारीरिक या श्वास अभ्यास से आपको बेचैनी अथवा मानसिक तनाव महसूस हो, तो तुरंत रुकें और योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लें।
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