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शारीरिक कुरूपता विकार (BDD): दृश्य पूर्वाग्रह, कॉस्मेटिक सर्जरी के खतरे और मिरर री-ट्रेनिंग

बीडीडी के संज्ञानात्मक कारण, बार-बार आईना देखने की लत और मिरर री-ट्रेनिंग ईआरपी तकनीक पर 20 वैज्ञानिक पाठ।

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लेखक: Kriyasya Companion 2 मिनट का पाठ अपडेट: October 23, 2026

शारीरिक कुरूपता विकार (Body Dysmorphic Disorder - BDD) एक गंभीर ओसीडी-संबंधित स्थिति है जिसमें व्यक्ति अपने शरीर या चेहरे की किसी ऐसी मामूली या अदृश्य कमी को लेकर अत्यधिक परेशान और जुनूनी रहता है जो दूसरों को बिल्कुल दिखाई नहीं देती। डेविड वील और कैथरीन फिलिप्स के संज्ञानात्मक मॉडल के अनुसार, इसमें व्यक्ति का मस्तिष्क चेहरे या शरीर को समग्र रूप में देखने के बजाय किसी एक बारीक हिस्से पर केंद्रित (piecemeal processing) हो जाता है। बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर मनोशिक्षा मॉड्यूल 20 पाठों में दृश्य पूर्वाग्रह, कॉस्मेटिक सर्जरी के खतरे और मिरर री-ट्रेनिंग तकनीकों की व्याख्या करता है।

कॉस्मेटिक सर्जरी का भ्रम और बार-बार आईना देखना

बीडीडी से पीड़ित व्यक्ति घंटों तक आईने में अपनी कथित खामियों को जांचता है, दूसरों से तुलना करता है या त्वचा को खुरचता है। शोध बताते हैं कि कॉस्मेटिक सर्जरी या प्लास्टिक सर्जरी कराने से यह समस्या ठीक नहीं होती, बल्कि चिंता किसी दूसरे अंग पर स्थानांतरित हो जाती है।

मिरर री-ट्रेनिंग और सीबीटी

उपचार में व्यक्ति को आईने से एक सामान्य दूरी पर खड़े होकर पूरे शरीर को निष्पक्ष और बिना किसी अपमानजनक टिप्पणी के तथ्यात्मक शब्दों में देखना सिखाया जाता है, जिससे मस्तिष्क का दृश्य प्रसंस्करण सामान्य हो सके।

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बीडीडी के संज्ञानात्मक कारण, बार-बार आईना देखने की लत और मिरर री-ट्रेनिंग ईआरपी तकनीक पर 20 वैज्ञानिक पाठ।

शारीरिक कुरूपता विकार (BDD): दृश्य पूर्वाग्रह, कॉस्मेटिक सर्जरी के खतरे और मिरर री-ट्रेनिंग

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