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दैनिक 3-मुद्रा कल्याण यात्रा

समस्या-अनुसार हस्त मुद्रा कल्याण

अपनी व्यक्तिगत स्वास्थ्य आवश्यकता चुनें और पाएं 3 मुद्राओं की एक संतुलित दैनिक दिनचर्या — सुबह ऊर्जा, दोपहर में पाचन संतुलन और शाम को विश्राम।

3-चरणीय दैनिक दिनचर्या
पंचमहाभूत ऊर्जा संतुलन
द्विभाषी वीडियो व टाइमर
शास्त्रीय प्रमाण
हस्त मुद्रा ध्यान

अपनी स्वास्थ्य आवश्यकता चुनें:

8 विशेष स्वास्थ्य लक्ष्य

चयापचय स्फूर्ति व शारीरिक ऊर्जा

आंतरिक ऊष्मा को बढ़ाता है, सुस्ती व भारीपन को दूर करता है और स्वस्थ ऊर्जा स्तर को बनाए रखता है।

3 मुद्राएँ · 45 मिनट दैनिक
प्रातःकाल · 15 मिनट 15m
सूर्य मुद्रा (अग्नि मुद्रा)

सूर्य मुद्रा (अग्नि मुद्रा)

सूर्यमुद्रा

अनामिका को मोड़कर अंगूठे की जड़ में लगाएं। अंगूठे से अनामिका पर हल्का दबाव बनाएं। शेष तीन उंगलियां सीधी रखें।

विस्तृत मुद्रा गाइड देखें →
मध्याह्न · 15 मिनट 15m
पित्त वर्धक मुद्रा (उत्साह मुद्रा)

पित्त वर्धक मुद्रा (उत्साह मुद्रा)

पित्तवर्धकमुद्रा

अनामिका और अंगूठे के पोर मिलाएं, तर्जनी को अंगूठे की जड़ में लगाएं। मध्यमा और कनिष्ठिका सीधी रखें।

विस्तृत मुद्रा गाइड देखें →
सायंकाल · 15 मिनट 15m
लिंग मुद्रा (ऊष्मा मुद्रा)

लिंग मुद्रा (ऊष्मा मुद्रा)

लिङ्गमुद्रा

दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में फंसाएं, बाएं अंगूठे को सीधा रखें और दाएं अंगूठे व तर्जनी से घेरें।

विस्तृत मुद्रा गाइड देखें →
कल्याण अस्वीकरण / Wellness Disclaimer: यहाँ प्रस्तुत योग अभ्यास, मुद्राएँ और श्वास तकनीकें शास्त्रीय परंपरा पर आधारित हैं और केवल शैक्षिक, कल्याण और समग्र जीवनशैली के उद्देश्यों के लिए हैं। ये किसी चिकित्सीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं हैं। कोई भी नया शारीरिक अभ्यास शुरू करने से पहले, विशेष रूप से यदि आपको पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है या आप गर्भवती हैं, तो योग्य चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें। अपने शरीर की सहज सीमा में ही अभ्यास करें।
Kriyasya
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