कुंडली का सप्तम भाव (कलत्र भाव), पुरुषों हेतु शुक्र एवं स्त्रियों हेतु देवगुरु बृहस्पति वैवाहिक सुख के कारक हैं। विवाह में विलंब या दांपत्य जीवन में तनाव होने पर गुरुवार को चुटकी भर हल्दी डालकर स्नान, गौरी-शंकर रुद्राक्ष, भगवान शिव-पार्वती की युगल पूजा एवं शुक्रवार को शक्कर या खीर का दान अत्यंत शुभ माना जाता है।
सौभाग्य, मन की शांति, व्यापार वृद्धि और लक्ष्मी/विष्णु/दुर्गा पूजा के लिए।
ज्ञान, एकाग्रता, बुध/राहु/केतु शांति और धन-सहायता के लिए।
धन, लोन में सहायता, सफलता, गरीबी दूर करने की प्रार्थना और वास्तु सुधार के लिए।
अष्टलक्ष्मी कृपा, धन, घर की सुरक्षा, वास्तु संतुलन और लक्ष्य प्राप्ति के लिए।
मन की शांति, सौभाग्य, समृद्धि, हीलिंग मान्यता और ऊर्जा संतुलन के लिए।
आत्मविश्वास, साहस, समृद्धि, सौंदर्य, ज्ञान और शुक्र दोष में सहायक उपाय।
इस मंच पर प्रस्तुत सभी उपाय, मंत्र, टोटके, रत्न एवं वास्तु सुझाव प्राचीन वैदिक, लाल किताब, शाबर एवं पारंपरिक लोक ग्रंथों के अध्ययन पर आधारित हैं। इन्हें आध्यात्मिक मार्गदर्शन, श्रद्धा एवं आत्म-सुधार हेतु प्रदान किया गया है।
यह उपाय किसी भी प्रकार की चिकित्सीय (Medical), कानूनी (Legal), मनोवैज्ञानिक या वित्तीय (Financial) सलाह का विकल्प नहीं हैं। शारीरिक या मानसिक अस्वस्थता, कानूनी विवाद अथवा वित्तीय संकट में सदैव लाइसेंस प्राप्त योग्य पेशेवर से परामर्श लें।
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