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उपाय हब › वास्तु दोष निवारण

वास्तु दोष निवारण व गृह शांति

बिना तोड़-फोड़ 8 दिशाओं का वास्तु संतुलन व सकारात्मक ऊर्जा प्रवाह

प्राचीन वास्तु शास्त्र पंचमहाभूतों (जल, अग्नि, पृथ्वी, वायु, आकाश) के संतुलन का विज्ञान है। यदि घर या प्रतिष्ठान में कोई वास्तु दोष है, तो बिना तोड़-फोड़ के तांबे-पीतल के तार, रंग समन्वय, दर्पण व पवित्र पौधों द्वारा दिशाओं को ऊर्जावान बनाया जा सकता है।

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8 दिशाओं का चयन करें:
उत्तर (कुबेर)
Water / जल
ईशान (देव स्थान)
Spiritual / गुरु
पूर्व (सूर्य)
Health / स्वास्थ्य
आग्नेय (अग्नि)
Venus / शुक्र
दक्षिण (यम)
Mars / मंगल
नैऋत्य (स्थिरता)
Earth / राहु
पश्चिम (वरुण)
Saturn / शनि
वायव्य (वायु)
Moon / चंद्र
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शास्त्रीय वास्तु दोष निवारण उपाय 24 बिना तोड़-फोड़ के उपाय उपलब्ध

VASTU SHASTRA दिशा संतुलन
रसोई संतुलन: दक्षिण-पूर्व और पूर्व मुख होकर भोजन बनाना

स्वास्थ्य, पाचन ऊर्जा और अग्नि-जल तत्व के संतुलन को सहारा देने के लिए।

उपाय स्थापना: संभव हो तो रसोई घर के दक्षिण-पूर्व भाग में रखें।. व्यवहारिक हो तो भोजन बनाते समय मुख पूर्व दिशा की ओर रखें।…
रोज रसोई उपयोग में स्थापना विधि →
VASTU SHASTRA दिशा संतुलन
शयनकक्ष संतुलन: दक्षिण-पश्चिम कमरा और सिर दक्षिण या पूर्व की ओर

आरामदायक नींद, स्थिरता और शांत शयनकक्ष वातावरण को सहारा देने के लिए।

उपाय स्थापना: संभव हो तो मुख्य शयनकक्ष घर के दक्षिण-पश्चिम भाग में रखें।. सोते समय सिर दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर रखें।…
रोज की सोने की व्यवस्था स्थापना विधि →
VASTU SHASTRA दिशा संतुलन
बाथरूम सुधार: दरवाजा बंद, नमक या कपूर

बाथरूम से जुड़ी नकारात्मक ऊर्जा कम करने और स्थान को संतुलित रखने के लिए।

उपाय स्थापना: बाथरूम और टॉयलेट के दरवाजे उपयोग के बाद बंद रखें।. यदि बाथरूम उत्तर-पूर्व में है, तो वहां छोटी नमक कटोरी या कपूर सुरक्षित रखें।…
रोज देखभाल; नमक साप्ताहि स्थापना विधि →
VASTU SHASTRA दिशा संतुलन
उत्तर-पूर्व को साफ रखकर पूजा स्थान बनाना

घर में शुद्धता, शांत ऊर्जा और आध्यात्मिक संतुलन को सहारा देने के लिए।

उपाय स्थापना: उत्तर-पूर्व क्षेत्र को साफ, हल्का और शांत रखें।. संभव हो तो वहां छोटा मंदिर या पूजा कोना बनाएं।…
रोज या पूजा के समय स्थापना विधि →
VASTU SHASTRA दिशा संतुलन
बीमार व्यक्ति के पलंग की दिशा सहायता

शांत और व्यवस्थित स्वास्थ्य-सहायक वातावरण बनाने के लिए।

उपाय स्थापना: बीमार व्यक्ति का पलंग साफ और शांत जगह पर रखें।. पारंपरिक रूप से उत्तर-पूर्व या पश्चिम दिशा सहायक मानी जाती है।…
बीमारी या रिकवरी के समय स्थापना विधि →
VASTU SHASTRA दिशा संतुलन
पढ़ाई या काम पूर्व/उत्तर मुख और पीछे मजबूत सहारा

फोकस, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और स्थिर कार्य ऊर्जा को सहारा देने के लिए।

उपाय स्थापना: संभव हो तो पढ़ाई या काम करते समय मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें।. कुर्सी के पीछे मजबूत दीवार या स्थिर बैकग्राउंड रखें।…
रोज पढ़ाई या काम के समय स्थापना विधि →
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