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उपाय हब › शनि शांति विधान

साढ़े साती, ढैया व शनि शांति विधान

शनि देव के प्रकोप शमन, छाया दान, दशरथ कृत स्तोत्र व कर्म शुद्धि

शनि देव न्याय, कर्म और अनुशासन के अधिपति हैं। साढ़े साती या ढैया काल में मनुष्य को घबराने के बजाय अपने कर्मों में शुद्धि, अहंकार का त्याग, असहायों की सेवा, शनिवार को पीपल के नीचे सरसों के तेल का चौमुखी दीपक और छाया दान करना चाहिए।

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छाया पात्र दान की शास्त्रीय विधि

शनिवार प्रातः एक कांसे या लोहे की कटोरी में शुद्ध सरसों का तेल भरें। उसमें अपने मुख की छाया (प्रतिबिंब) देखें और शनि देव से जाने-अनजाने हुए अपराधों की क्षमा मांगें। तत्पश्चात यह तेल पात्र किसी जरूरतमंद या शनि मंदिर में दान करें। इसे छाया दान कहते हैं।

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शास्त्रीय शनि शांति व कर्म सुधार उपाय 469 जाँचे हुए उपाय

SHANI SHASTRA शनि शमन
छठे घर के शनि के लिए छह दिन नारियल जल उपाय

परंपरा में छह दिन तक बहते पानी में एक नारियल देने का उपाय है; यहां जल-सुरक्षा के साथ रखा गया है।

SHANI SHASTRA शनि शमन
सातवें घर के शनि के लिए काली गाय की सेवा

काली गाय की सेवा विवाह, साझेदारी और मान-सम्मान पर शनि के असर को नरम करने का उपाय है।

SHANI SHASTRA शनि शमन
आठवें घर के शनि के लिए चने का जल उपाय

परंपरा में 8 किलो चना बहते पानी में देने का उपाय है; यहां सुरक्षित प्रतीकात्मक अर्पण के रूप में रखा गया है।

SHANI SHASTRA शनि शमन
आठवें घर के शनि के लिए चौकोर चांदी

जेब में चौकोर चांदी रखना शनि का रक्षा उपाय माना गया है।

SHANI SHASTRA शनि शमन
ग्यारहवें घर के शनि के लिए सतह पर तेल का प्रतीक

स्रोत सतह पर मदिरा या सरसों तेल का जिक्र करता है; यहां इसे सुरक्षित, बिना प्रदूषण वाले प्रतीक के रूप में रखा गया है।

SHANI SHASTRA शनि शमन
दक्षिण, नैऋत्य और पश्चिम को अधिक भरा रखें

दक्षिण, नैऋत्य और पश्चिम को हल्की दिशाओं की तुलना में अधिक ढका, मजबूत और सुरक्षित रखें।

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