Skip to main content
उपाय हब › शनि शांति विधान

साढ़े साती, ढैया व शनि शांति विधान

शनि देव के प्रकोप शमन, छाया दान, दशरथ कृत स्तोत्र व कर्म शुद्धि

शनि देव न्याय, कर्म और अनुशासन के अधिपति हैं। साढ़े साती या ढैया काल में मनुष्य को घबराने के बजाय अपने कर्मों में शुद्धि, अहंकार का त्याग, असहायों की सेवा, शनिवार को पीपल के नीचे सरसों के तेल का चौमुखी दीपक और छाया दान करना चाहिए।

अपना एक्सेस चुनें
उपाय वर्ल्ड पास 100 क्रेडिट
30 दिन का उपाय एक्सेस
30 शामिल टूल्स और रिपोर्ट्स
सदस्यता की आवश्यकता नहीं · Fair Usage Policy लागू
साइन इन करें सुरक्षित साइन इन · तुरंत पहुँच
ऑल-एक्सेस अनलिमिटेड*
सभी संसार · बोनस क्रेडिट्स · कोर्सेस और ई-बुक्स
मात्र ₹99 / 3 दिन से
सदस्यता देखें
*Fair Usage Policy लागू। प्रीमियम AI विज़न टूल्स और अतिरिक्त रिपोर्ट्स के लिए क्रेडिट उपयोग होते हैं।
छाया पात्र दान की शास्त्रीय विधि

शनिवार प्रातः एक कांसे या लोहे की कटोरी में शुद्ध सरसों का तेल भरें। उसमें अपने मुख की छाया (प्रतिबिंब) देखें और शनि देव से जाने-अनजाने हुए अपराधों की क्षमा मांगें। तत्पश्चात यह तेल पात्र किसी जरूरतमंद या शनि मंदिर में दान करें। इसे छाया दान कहते हैं।

शनि चरण या गोचर चुनें:
सभी शनि उपाय छाया दान साढ़े साती ढैया काले घोड़े की नाल दशरथ कृत स्तोत्र शनिवार दान

शास्त्रीय शनि शांति व कर्म सुधार उपाय 469 जाँचे हुए उपाय

SHANI SHASTRA शनि शमन
अशुभ शनि हेतु प्रतीकात्मक तेल-घड़ा उपाय

अशुभ शनि के लिए तेल-भरा घड़ा नदी तल में दबाने का उल्लेख है; आज केवल सुरक्षित प्रतीकात्मक या दान रूप करें.

SHANI SHASTRA शनि शमन
सप्तम शनि हेतु चीनी भरी बांसुरी उपाय

सप्तम भाव शनि के लिए बांसुरी में चीनी भरकर सुनसान जगह में दबाने का उपाय बताया गया है.

SHANI SHASTRA शनि शमन
दशम शनि कठिन हो तो बृहस्पति उपाय

दशम भाव का शनि सामान्यतः बुरा नहीं माना गया, लेकिन यदि अशुभ फल दे तो बृहस्पति उपाय बताए गए हैं.

SHANI SHASTRA शनि शमन
मानसिक शांति हेतु सफाईकर्मी को मसूर दान

मानसिक शांति के लिए राहु उपाय और सुबह सफाईकर्मी को कुछ धन सहित मसूर दान करना बताया गया है.

SHANI SHASTRA शनि शमन
बुध-शनि-केतु सप्तम फल हेतु वस्तु और रिश्तेदार सेवा

ग्रंथ के अनुसार बुध, शनि और केतु सप्तम भाव का फल दे सकते हैं; अशुभ हों तो उनकी वस्तु दान या संबंधित रिश्तेदारों की सेवा करें.

SHANI SHASTRA शनि शमन
वर्षफल अष्टम कष्ट में जन्म 11वें/मित्र ग्रह की वस्तु सहायता

जन्मकुंडली का 11वें भाव का ग्रह वर्षफल लग्न में आए तो शुभ और अष्टम में आए तो कष्टकारी कहा गया है; ऐसी स्थिति में 11वें ग्रह या उसके मित्र ग्रह की वस्तु सहायक है…

← पिछला पृष्ठ 25 / 79 अगला →
Kriyasya
✦ Talk to AI Companion →